बांदा। शहीदाने कर्बला की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम की सातवीं को शहर की पूर्वी कोठी से शिया समुदाय ने मातमी जुलूस निकाला। सीनाजनी मातम कर याद ए हुसैन में खुद को लहूलुहान कर लिया। उधर, छावनी मोहल्ले से लेकर जिला परिषद रोड पर अलम जुलूस निकाले गए। यहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। लंगर भी हुआ।दस दिवसीय मोहर्रम की श्रंखला में मंगलवार को मोहर्रम की सातवीं को शहर के विभिन्न इमामबाड़ों से दोपहर तीन बजे से अलम जुलूस उठाए गए। यह सभी अपने-अपने परंपरागत मार्गाें से होते हुए जिला परिषद रोड पर पहुंचे। यहां मातमी धुनों के बीच करतब दिखाए गए।उधर, देर शाम शहर की पूर्वी कोठी से शिया समुदाय का अलम जुलूस निकाला गया। जुलूस में शिया समुदाय के लोगों ने सीनाजनी मातम कर खुद को लहूलुहान कर लिया। जुलूस मातमी धुनों के बीच सट्टन चौराहा स्थित शिया इमामबाड़े में समाप्त हुआ। यहां देर रात तक मजलिस भी हुई। इस मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। लगातार पुलिस अधीक्षक पूरे जुलूस पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर निगरानी करवाते रहे। शहर कोतवाल बलराम सिंह बराबर गस्त करते नजर आए। उधर, मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष शोएब नियाजी, अरशद निजामी आदि जुलूस में मौजूद रहे।























































