लोकसभा में आज जब देश के सबसे चर्चित सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस होने जा रही है, उससे ठीक पहले केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने एक ऐसा बयान दिया जिसने सियासी माहौल और भी गरमा दिया।
उन्होंने इस पूरे ऑपरेशन की तुलना सीधे-सीधे रामायण के उस प्रसंग से कर दी, जब रावण ने लक्ष्मण रेखा पार की थी और नतीजा उसकी लंका जलकर राख हो गई थी। रिजिजू का इशारा पाकिस्तान की ओर था कि जब पाकिस्तान ने भारत की सीमा लांघने की हिमाकत की, तो उसे भी उसी अंदाज़ में जवाब मिला।
रिजिजू ने अपने बयान के साथ एक भावनात्मक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की आवाज और कैलाश खेर का स्वर एक साथ गूंज रहे थे। देश की ‘आन, बान और शान’ की बात करते इस वीडियो ने संसद से पहले ही बहस को जनभावनाओं से जोड़ दिया है। संसद के मानसून सत्र में सोमवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर 12 बजे से विशेष बहस होने वाली है। इसके लिए 16 घंटे का समय तय किया गया है। मंगलवार 29 जुलाई को राज्यसभा में भी इतने ही समय के लिए बहस रखी गई है।
रिजिजू ने दिया रामायण का संदर्भ
बहस से पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सोशल मीडिया पर रामायण का हवाला देते हुए पाकिस्तान को चेताया। उन्होंने लिखा, “जब रावण ने लक्ष्मण रेखा लांघी, तो लंका जल गई। जब पाकिस्तान ने भारत की रेड लाइन पार की, तो आतंकियों के अड्डे जलाए गए।” उनके इस बयान को भारतीय कार्रवाई की एक मजबूत चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
पहलगाम हमले के जवाब में हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद मई में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। विपक्ष तब से इस ऑपरेशन और उससे जुड़ी कूटनीति पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा था।
ट्रंप के दावों पर भारत का जवाब
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे पर भी सवाल उठे हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध को रोका था। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने दोनों देशों पर व्यापार का दबाव बनाकर संघर्ष को टाला। भारत ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वह अपने फैसले विदेशी दबाव में नहीं लेता।
मोदी सरकार की ओर से कई मंत्री होंगे शामिल
इस बहस की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। उनके अलावा गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर और निशिकांत दुबे भी अपनी बात रखेंगे। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोकसभा और राज्यसभा दोनों में बहस के दौरान हस्तक्षेप कर सकते हैं।इस चर्चा में विपक्ष के नेता भी भाग लेंगे और सरकार से सवाल पूछेंगे कि ऑपरेशन से पहले और बाद में क्या रणनीति अपनाई गई। कांग्रेस समेत कई दलों ने इस विषय पर विशेष सत्र की भी मांग की थी।















