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मुजफ्फरनगर। लावारिसों की वारिस क्रांतिकारी शालू सैनी की निस्वार्थ सेवा के चर्चे यूपी में ही नही बल्कि पडोसी राज्यों में भी जन जन के लबों पर छाये हुए है। गत 28 सितम्बर को शहीदे आजम भगत सिंह सेवा समिति द्वारा फियरलेस शालू को हरियाणा के अंबाला शहर मे आयोजित किये गए कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। वही समिति के अध्यक्ष ने क्रांतिकारी शालूउ सैनी को सम्मानित करने के दौरान महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताते हुए बेसहारा महिलाओें को आत्म निर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान क्रातिकारी शालू सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी प्रस्थिति में महिलाओं को अपने आप को अबला या कमजोर नही समझना चाहिए, क्योकि जो अपनी हार पहले ही मान चुका हो उसको जीतने का मजा नही आता। उन्होने कहा कि अक्सर महिलाएं अपने आप को कमजोर समझने लगती हैं और अराजक तत्वों एव आदम खोर मानवों की साजिश का शिकार हो जाती हैं। यदि महिलाए चाहे तो वह क्या नही कर सकती। इस दौरान क्रांतिकारी शालू सैनी ने शहीद भगत सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने शहीद भगत सिंह के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए बलिदानी भगत सिंह की तरह अपनी जिंदगी में हर एक काम बड़े सच्चे ढंग के साथ करने व अपने देश को प्यार करने का संदेश दिया। 23 वर्ष की उम्र में फांसी की सजा ने उन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का लोक नायक बना दिया। देश भक्ति का नारा इंकलाब जिंदाबाद जोकि बाद में स्वतंत्रता आंदोलन का आह्वान बन गया। भगत सिंह द्वारा ही गढ़ा गया था।















