मुजफ्फरनगर। जनपद की धार्मिक संस्थाओं को एन्युटी भुगतान की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) एवं नोडल अधिकारी गजेंद्र कुमार ने जनसामान्य को अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950 की धारा-99 के अंतर्गत एन्युटी भुगतान की प्रक्रिया को डीबीटी प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत जनपद की वे सभी धार्मिक संस्थाएं, जिनका नाम एन्युटी रजिस्टर में दर्ज है और जो राजस्व परिषद स्तर से सीधे अपने बैंक खातों में एन्युटी प्राप्त करना चाहती हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दावे और अद्यतन विवरण प्रस्तुत करना होगा।प्रशासन द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, संबंधित धार्मिक संस्थाओं को इस सूचना के प्रकाशन की तिथि से अगले दो सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना दावा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके लिए संस्थाओं को अपनी ओर से एक स्पष्ट इच्छा पत्र देना होगा, जिसमें एन्युटी प्राप्त करने की सहमति दर्शाई गई हो। इसके साथ ही संस्था के बैंक खाते का विवरण भी देना होगा, जिसमें कैंसिल चेक या पासबुक की प्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक होगा।
इसके अतिरिक्त संस्था का अद्यतन विवरण भी प्रस्तुत करना होगा, ताकि प्रशासन द्वारा रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा सके और भुगतान प्रक्रिया को सुचारु रूप से आगे बढ़ाया जा सके।प्रशासन का कहना है कि डीबीटी प्रणाली लागू होने के बाद एन्युटी भुगतान को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे पात्र धार्मिक संस्थाओं को सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। इससे भुगतान में पारदर्शिता के साथ-साथ अनावश्यक देरी और अन्य समस्याओं को भी समाप्त किया जा सकेगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित संस्थाएं समय रहते अपने दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत करें, ताकि उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।अपर जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि यदि निर्धारित दो सप्ताह की अवधि के भीतर किसी धार्मिक संस्था की ओर से दावा प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित संस्था एन्युटी प्राप्त करने की इच्छुक नहीं है। ऐसी स्थिति में उस संस्था के संबंध में सूचना शून्य मानी जाएगी और आगे की प्रक्रिया उसी आधार पर पूरी की जाएगी। प्रशासन ने जनपद की सभी पात्र धार्मिक संस्थाओं से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर अपने दावे और आवश्यक दस्तावेज जिलाधिकारी कार्यालय में जमा कर दें, ताकि एन्युटी भुगतान की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके।















