मुज़फ्फरनगर। पंजाब में आई भीषण बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खेत-खलिहान जलमग्न हो चुके हैं, घर तबाह हो गए हैं और हजारों लोग बेघर होकर राहत शिविरों में आश्रय लेने को मजबूर हैं। इस आपदा की घड़ी में उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले के शाहपुर कस्बे ने मानवीय संवेदनाओं का अद्भुत उदाहरण पेश किया है। यहां की नगर पंचायत शाहपुर ने न केवल राहत अभियान की शुरुआत की, बल्कि आम जनता को भी इसमें सहभागी बनाया।नगर पंचायत शाहपुर की ओर से सार्वजनिक ऐलान कर लोगों से बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री और आर्थिक सहयोग की अपील की गई। इस अपील के बाद स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। लोगों ने अपनी सामर्थ्य से कहीं अधिक योगदान करते हुए खाद्य सामग्री, कपड़े, कंबल, पीने का पानी और नगद राशि नगर पंचायत को उपलब्ध कराई। कस्बे के व्यापारी, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इसमें विशेष रुचि दिखाई।नगर पंचायत अधिकारियों ने बताया कि एकत्रित राहत सामग्री को तुरंत ट्रकों में लादकर पंजाब के बाढ़ प्रभावित जिलों की ओर रवाना कर दिया गया है। यह राहत सामग्री उन इलाकों में भेजी गई है, जहां हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और लोगों को मदद की सख्त जरूरत है। शाहपुर से रवाना किए गए इन राहत वाहनों ने प्रभावित इलाकों तक पहुंचकर वहां फंसे लोगों को बड़ी राहत प्रदान की।इस नेक कार्य ने शाहपुर कस्बे की छवि को और भी उज्ज्वल बना दिया है। कस्बे के युवाओं ने इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई और घर-घर जाकर सामग्री इकट्ठा की। वहीं महिलाओं और बुजुर्गों ने भी स्वेच्छा से सहयोग कर इस मानवीय पहल को सफल बनाया। शाहपुर की इस एकजुटता की भावना ने यह संदेश दिया कि आपदा किसी भी राज्य या क्षेत्र में आए, भारतीय समाज सदैव एक होकर उसका सामना करता है।शाहपुर के इस योगदान की चारों ओर सराहना हो रही है। लोग इसे भारत की साझा संस्कृति और सहयोग की परंपरा का जीवंत उदाहरण बता रहे हैं। यह राहत अभियान न केवल बाढ़ पीड़ितों को संबल देगा बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और संवेदनशीलता को भी और मजबूत करेगा।















