मालाखेड़ा को आधुनिक अलवर का निर्माता कहे जाने वाले प्रजावत्सल राजऋषि सवाई जयसिंह की 88वीं पुण्यतिथि मालाखेड़ा क्षेत्र में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। जमालपुर में उनके चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए गए। पक्षियों के लिए परिंदे लगाए गए और कस्बे में पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था भी की गई।
इस अवसर पर एक गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने बताया कि सवाई जयसिंह ने अपने शासनकाल में जल संरक्षण और रोजगार सृजन के लिए तालाब, बावड़ी, बांध आदि का निर्माण करवाया। उन्होंने सरिस्का पैलेस, ईटाराणा छावनी, विजय मंदिर, जयसमंद बांध, लैंसडाउन पैलेस, अस्पताल और कॉलेज जैसी कई प्रमुख संरचनाएं बनवाईं। उन्होंने वन्यजीवों की रक्षा के लिए रुंध (वन्यजीव आश्रय स्थल) भी बनवाए और शिकार पर नियंत्रण लगाया।मंडावरा, नाहर शक्ति धाम, सिलीबेरी बांध, जयसमंद बांध जैसे अनेक स्थानों पर जनहित के निर्माण कार्य करवाए। मंडावरा में बारादरी, चौपाल, शिकारगाह और रेस्ट हाउस जैसे भवन बनवाए, जो आज वन विभाग कार्यालय के रूप में कार्यरत हैं।
क्षेत्र के प्रमुख नागरिकों – बलबीर सिंह, देवी सिंह, मोहनलाल बेरवा, हटिया खान, भारत चौधरी, हितेंद्र प्रधान, सतीश चौधरी, जगदीश चौधरी, त्रिलोक जोशी, गोविंद जोशी, रोहिताश शर्मा, बाबूलाल शर्मा सहित अन्य लोगों ने इन ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और मरम्मत की मांग की है।















