मुजफ्फरनगर। मंडल आयुक्त अटल कुमार राय की अध्यक्षता में तीर्थ नगरी शुक्रतीर्थ में होने वाले भागवत महोत्सव–मोक्ष कुंभ के भव्य आयोजन को लेकर विकास भवन में विस्तृत बैठक आयोजित की गई। इस आयोजन को काशी और अयोध्या की तर्ज पर भव्यता प्रदान करने की योजना बनाई जा रही है, जिसमें लेजर लाइट शो, दीपोत्सव और पौराणिक व ऐतिहासिक थीम को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि मोक्ष कुंभ महोत्सव को धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से आकर्षक बनाने के लिए देश के प्रसिद्ध कथा वाचकों, महामंडलेश्वरों, साधु–संतों और विभिन्न धार्मिक संस्थानों के आचार्यों को आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और पौराणिक महत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास होगा।बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, मु० वि० प्रा० कविता मीना, उपाध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संजय कुमार सिंह, सचिव मु० वि० प्रा० के साथ-साथ सभी विभागों के अधिकारी और साधु-संत मौजूद रहे। उपस्थित अधिकारियों ने आयोजन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की और सभी विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के साथ तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।आयोजन के अंतर्गत विशेष सजावट, धार्मिक झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कथा प्रवचन और दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। लेजर लाइट शो के जरिए महापुराणों और स्थानीय पौराणिक कथाओं का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। दीपोत्सव के दौरान हजारों दीयों से पूरे परिसर को रोशन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ सौंदर्य और भव्यता का आनंद मिल सके।मंडल आयुक्त ने कहा कि मोक्ष कुंभ महोत्सव को श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयोजित किया जाएगा। यातायात व्यवस्था, पार्किंग, साफ-सफाई, जलापूर्ति, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं की विशेष व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, सोशल मीडिया और प्रचार-प्रसार के माध्यम से देशभर के श्रद्धालुओं को इस आयोजन से जोड़ा जाएगा।बैठक में यह भी तय किया गया कि आयोजन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध और स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों को मंच देने पर भी जोर दिया गया, ताकि क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराओं का प्रचार-प्रसार हो सके।मोक्ष कुंभ महोत्सव के माध्यम से श्रद्धालुओं को न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का अनुभव मिलेगा, बल्कि यह आयोजन पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा। अधिकारियों का मानना है कि इस आयोजन से शुक्रतीर्थ की पहचान एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और अधिक मजबूत होगी।















