शाहपुर। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। जगह-जगह जलभराव, टूटे हुए रास्ते और जर्जर मकानों पर मंडरा रहा खतरा ग्रामीणों की परेशानियों को और बढ़ा रहा है। सोमवार को शाहपुर क्षेत्र के गांव सोरम में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां कुसुम पत्नी स्व. राजेंद्र का कच्चा मकान 11 घंटे से लगातार हो रही बारिश के चलते भरभराकर गिर पड़ा। गनीमत यह रही कि मकान गिरते समय बुजुर्ग महिला घर के बाहर मौजूद थीं, जिससे उनकी जान बच गई, लेकिन घर गिरने से उन्हें हजारों रुपए का नुकसान झेलना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि कुसुम बहुत ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं और अपने जीवनयापन के लिए मवेशी पालने का काम करती हैं। बारिश और मलबे में दबकर उनका जरूरी घरेलू सामान पूरी तरह खराब हो गया। अब स्थिति यह है कि महिला और उनके मवेशी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। बारिश का पानी और गिरा हुआ मलबा उनके सामने बड़ी परेशानी खड़ी कर रहा है।
गांव के लोगों ने प्रशासन को तत्काल सूचना दी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि देर शाम तक कोई अधिकारी या जांच टीम मौके पर नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण एक गरीब महिला अब गंभीर संकट में है। उनका पहले से ही गुजर-बसर बड़ी मुश्किल से हो रहा था और अब मकान गिरने से उनकी स्थिति और अधिक दयनीय हो गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि महिला को तुरंत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए और रहने के लिए अस्थायी व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते मदद नहीं की गई तो महिला और उसके मवेशियों के लिए जीवन यापन बेहद कठिन हो जाएगा।
लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के कई अन्य कच्चे और जर्जर मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल ऐसे मकानों का सर्वे कर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना चाहिए। बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है और कई जगह पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है।
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि इस तरह की स्थिति अक्सर बरसात के मौसम में देखने को मिलती है, लेकिन प्रशासन केवल कागजों में राहत और मदद की घोषणा करता है, जमीनी स्तर पर पीड़ित परिवारों तक सहायता बहुत देर से पहुंचती है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग लगातार हो रही बारिश से अपने मकानों के गिरने की आशंका जता रहे हैं।
सोमवार की घटना ने एक बार फिर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक गरीब महिला का आशियाना ढह गया और वह खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गई है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की चुप्पी लोगों के आक्रोश को और बढ़ा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और भी बड़े हादसे सामने आ सकते हैं।















