मुजफ्फरनगर। जनपद में व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा की अध्यक्षता में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ व्यापारी सुरक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में व्यापारियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, क्षेत्राधिकारी नई मंडी राजू कुमार साव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार, नगर क्षेत्र के विभिन्न थानों के निरीक्षक व उपनिरीक्षक, पीडब्ल्यूडी विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारी, यातायात प्रभारी तथा व्यापार मंडल के पदाधिकारी मौजूद रहे।गोष्ठी के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से सुझाव और प्रतिपुष्टि प्राप्त की तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित और विधिक निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में पुलिस द्वारा अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी भी साझा की गई। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है और शहर में लगातार गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही व्यापारियों से भी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और सहयोग करने की अपील की गई।गोष्ठी में व्यापारियों को सलाह दी गई कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएं और उनकी दिशा सही रखें ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्पष्ट रिकॉर्डिंग हो सके। इसके अलावा बाजार क्षेत्रों में आपसी समन्वय से मार्गों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाने, रात्रि के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था रखने तथा सामूहिक रूप से सुरक्षा गार्ड या चौकीदार नियुक्त करने की बात कही गई। व्यापारियों को यह भी बताया गया कि यदि बड़ी राशि का कैश परिवहन करना हो तो पहले पुलिस को सूचना दें, ताकि आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।बैठक के अंत में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अनजान कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने या संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचना चाहिए। किसी भी प्रकार की ठगी या संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे और किसी भी समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा।















