बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महाकुंभ के आयोजन को लेकर विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के प्रवेश और दुकान स्थापित करने पर प्रतिबंध की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन धर्म के प्रति अज्ञेय हैं, उन्हें महाकुंभ में व्यापार करने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
पंडित शास्त्री का यह बयान अखाड़ा परिषद की मांग के समर्थन में आया है, जिसमें कहा गया था कि महाकुंभ में गैर हिंदुओं को दुकानें नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग भगवान राम या सनातन धर्म को नहीं मानते, उन्हें त्रिवेणी संगम पर जाने का कोई अधिकार नहीं है।इससे पहले भी उन्होंने ‘थूक कांड’ जैसे घटनाओं का हवाला देते हुए यह तर्क दिया कि ऐसी घटनाओं से सबक लेना चाहिए। उनका कहना था कि महाकुंभ के आयोजनों में केवल उन लोगों को शामिल किया जाना चाहिए, जो सनातन धर्म के बारे में जानकारी रखते हैं।इस मुद्दे पर उनके बयान ने धार्मिक और सामाजिक समरसता के प्रश्नों को फिर से उभारा है, जिससे एक बार फिर धार्मिक सहिष्णुता और सामुदायिक संबंधों पर चर्चा शुरू हो गई है।















