राजकीय महाविद्यालय राजगढ़, अलवर के भूगोल विभाग में एमए पूर्वाद्र्ध विद्यार्थियों के स्वागत तथा एक दिवसीय ओरियंटेशन कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. पी. एम. मीना की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एमए फाइनल वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा एमए पूर्वाद्र्ध के नए छात्रों का तिलक लगाकर और माल्यार्पण कर स्वागत से हुई, जिससे कॉलेज परिसर में आत्मीय वातावरण बना। इस दौरान नए छात्रों ने मंच पर आकर अपना परिचय देते हुए अपने शैक्षणिक लक्ष्यों और आगे की पढ़ाई के प्रति उत्साह व्यक्त किया।
विभागाध्यक्ष डॉ. जगफूल मीना ने विद्यार्थियों को सैकेण्डरी प्रणाली, पाठ्यक्रम संरचना और आगामी सेमेस्टर में होने वाली शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। डॉ. सी. एल. रैगर ने नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में आए बदलावों और इनका विद्यार्थियों के करियर पर पड़ने वाले प्रभावों पर प्रकाश डाला। डॉ. प्रकाश मीना ने रूसा ग्रांट के माध्यम से महाविद्यालय में उपलब्ध नई सुविधाओं, लैब, उपकरणों और विद्यार्थियों के लिए संचालित योजनाओं का परिचय कराया। डॉ. जगत सिंह ने उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर मार्गदर्शन देते हुए विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं व कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी। प्रोफेसर चित्रा मीना ने लाइब्रेरी के महत्व और कंप्यूटर भूगोल विषय के अध्ययन में तकनीकी कौशल की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान भूगोल परिषद की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया, जिसमें अध्यक्ष पद पर निशा सैनी, उपाध्यक्ष अजीत कुमार बैरवा, सचिव सपना सैनी और महासचिव प्रदीप कुमार मोरवाल का चयन किया गया। इस अवसर पर डॉ. रामनरेश मीना, डॉ. अनिल कुमार शर्मा, नरेश कुमारी गुजर, विजय लक्ष्मी, संजना मीना, मोनिका मीना, भरत जोशी और पायल सैनी सहित एमए फाइनल और पूर्वाद्र्ध के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम सफलतापूर्वक उत्साह और सौहार्द के साथ संपन्न हुआ।















