भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अगले महीने कनाडा की राजधानी ओटावा के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। यह दौरा भारत और कनाडा के बीच सुरक्षा, कानून व्यवस्था और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष सुरक्षा और सरकारी अधिकारियों के साथ कई उच्चस्तरीय बैठकें प्रस्तावित हैं।वार्ता का सबसे प्रमुख मुद्दा खालिस्तान समर्थक चरमपंथी गतिविधियां रहेंगी। भारत लंबे समय से कनाडा में सक्रिय ऐसे तत्वों पर चिंता जताता रहा है, जो भारत की संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा माने जाते हैं। बैठक में इन संगठनों की गतिविधियों पर रोक, सूचना साझा करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
इसके अलावा दोनों देशों में रह रहे नागरिकों की सुरक्षा, आतंकरोधी सहयोग, साइबर सुरक्षा और संगठित अपराध जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। यह दौरा वर्ष 2023 में भारत-कनाडा संबंधों में आए तनाव के बाद पहला बड़ा सुरक्षा संवाद माना जा रहा है।राजनयिक जानकारों का मानना है कि डोभाल की यह यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली और बिगड़े संबंधों को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, जिससे भविष्य में द्विपक्षीय सहयोग को नई गति मिल सकती है।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
डोभाल का दौरा भारत और कनाडा के बीच चल रहे ‘सिक्योरिटी एंड लॉ एनफोर्समेंट डायलॉग’ का हिस्सा है. इस संवाद का मकसद दोनों देशों के बीच सुरक्षा, कानून व्यवस्था और रणनीतिक सहयोग को उच्चतम स्तर पर मजबूत करना है. भारत के ओटावा स्थित उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने कहा कि NSIA की भारत यात्रा के बाद यह अगला स्वाभाविक कदम है. इसमें दोनों देश सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे.पटनायक के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी देश की जमीन का इस्तेमाल दूसरे देश के खिलाफ आतंकवादी संगठनों, आपराधिक गिरोहों या अन्य नकारात्मक तत्वों द्वारा न किया जा सके. दोनों देश चाहते हैं कि उनके नागरिक एक-दूसरे के देशों में सुरक्षित रहें और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में बेहतर तालमेल बने.
भारत-कनाडा के बीच सहयोग
भारत और कनाडा के बीच कुछ समय से कुछ गंभीर मुद्दे भी रहे हैं. भारत ने कई बार चिंता जताई है कि कनाडा की धरती का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थक चरमपंथी पंजाब में अलगाववाद फैलाने के लिए कर रहे हैं. दूसरी ओर, कनाडा को अपने देश में हिंसा और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों की चिंता है.ऐसे ही मामलों से निपटने के लिए कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) और भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के बीच संपर्क और सहयोग जारी है. दोनों एजेंसियों के बीच वर्चुअल बैठकों के जरिए लगातार बातचीत चल रही है.
2023 में संबधों में तल्खी आई थी
यह बातचीत 2023 में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद बिगड़े रिश्तों को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. उस समय कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था. इसके बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव आ गया था.दोनों देशों ने अपने-अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया था. अब दोनों देशों ने फिर से आपसी विश्वास बनाने की दिशा में काम शुरू किया है. दिल्ली में सितंबर 2025 में NSA डोभाल और नथाली के बीच मुलाकात हुई. इस मुलाकात की पृष्ठभूमि G7 समिट में तैयार हुई थी.















