निशांत कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे, ने हाल ही में मीडिया से अपने राजनीतिक करियर को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि वे अभी अध्यात्मिक ओर से जुड़े हुए हैं और राजनीति में आने के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। इससे स्पष्ट होता है कि उनका रुझान अभी राजनीति में पूरी तरह से नहीं है, लेकिन वे इस दिशा में भविष्य में भी रुचि रख सकते हैं।
स्पीकर खरीदने आए थे बाजार
निशांत कुमार पुलिस सुरक्षा के बीच पटना के बाजार में दिखाई दिए, उन्होंने कहा, आध्यात्मिक दृष्टिकोण से मैं बाहर आया हूं. अध्यात्म की राह पर चल पड़े निशांत कुमार ने कहा, मोबाइल पर हरे रामा हरे कृष्णा सुनता हूं, उसके लिए स्पीकर खरीदने आया हूं, ताकि भजन को और अच्छे से सुन सकूं. जिसके बाद वो गाड़ी में बैठे और चले गए. हालांकि निशांत कुमार के सियासत में कदम रखने को लेकर जनता दल यूनाइटेड पार्टी और न ही खुद सीएम नीतीश कुमार ने कोई टिप्पणी की है.
नीतीश के करीबी ने क्या कहा?
इससे पहले जब जनवरी के महीने में निशांत कुमार के पार्टी में शामिल होने को लेकर अटकलें तेज थी तो उस समय नीतीश कुमार के करीबी ने इस पर जवाब दिया था. इस संबंध में पूर्व राज्य जदयू अध्यक्ष और नीतीश कुमार के करीबी विजय कुमार चौधरी से सवाल पूछे गए तो उन्होंने दावा किया था कि यह सभी अटकलें ‘निराधार’ हैं. विजय कुमार चौधरी ने आगे कहा, मैं पार्टी के लोगों से भी कहना चाहता हूं कि वो इस संवेदनशील मुद्दे पर सार्वजनिक चर्चा न करें, इसका कोई आधार नहीं है, बल्कि इससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो सकता है.















