एनएचएआई का एनुअल पास हुआ महंगा, फीस बढ़कर 3,075 रुपये,

एनएचएआई का एनुअल पास महंगा हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसकी फीस में 75 रुपये का इजाफा किया है। इस बढ़ोतरी के साथ यह 3,075 रुपये हो गया है।एनएचएआई ने रविवार को यह जानकारी दी। इसके पहले ‘नवभारतटाइम्‍स.कॉम’ ने 9 मार्च को एक वरिष्‍ठ अधिकारी के हवाले से बताया था कि एनएचएआई का एनुअल पास महंगा हो सकता है। इसमें 75 रुपये से 100 रुपये की बढ़ोतरी की जा सकती है। यह खबर ‘हाईवे पर बिना टोल भरे फर्राटा भरने का परमिट: NHAI का एनुअल पास होने वाला है महंगा’ हेडलाइन से पब्लिश हुई थी।

एनएचएआई ने बताया कि एनुअल पास फैसिलिटी 15 अगस्त, 2025 को शुरू की गई थी। इसका मकसद राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्‍तेमाल करने वाले यात्रियों को आर्थिक राहत मुहैया कराना था। अब यह फीस वर्तमान के 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है। यह बदलाव एक अप्रैल, 2026 से लागू होगा।

56 लाख से अ‍ध‍िक लोग उठा रहे फायदा

एनएचएआई के अनुसार, यह संशोधन राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरें तय करने और संग्रह) नियम, 2008 के प्रावधानों के अनुसार किया गया है।
एनएचएआई ने बताया कि देश में 56 लाख से अधिक वाहन मालिक फास्टैग एनुअल पास का फायदा उठा रहे हैं। इसका इस्‍तेमाल लगातार बढ़ रहा है। नई फीस वैलिड फास्टैग वाले गैर-व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगी।

फास्‍टैग एनुअल पास का क्‍या है लाभ?

फास्‍टैग एनुअल पास एक बार फीस देकर एक साल की वैलिडिटी या 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग की सुविधा देता है। इससे आपको बार-बार FASTag रिचार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। यह पास उन सभी नॉन-कमर्शियल गाड़ियों के लिए मान्य है जिनके पास वैलिड FASTag है।

कैसे ले सकते हैं आप?

राजमार्ग यात्रा ऐप या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की वेबसाइट के जरिए एक बार फीस चुकाने के बाद यह एनुअल पास गाड़ी से जुड़े मौजूदा FASTag पर दो घंटे के अंदर एक्टिवेट हो जाता है।फास्‍टैग एक आरएफआईडी पैसिव टैग है। इसका इस्तेमाल ग्राहक के जुड़े हुए प्रीपेड, सेविंग्स या करंट अकाउंट से सीधे टोल पेमेंट करने के लिए किया जाता है।

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