14 मार्च को मुजफ्फरनगर में लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, दीवानी न्यायालय परिसर में होगा आयोजन

मुजफ्फरनगर में आम जनता को त्वरित, सुलभ और नि:शुल्क न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए डॉ० सत्येन्द्र कुमार चौधरी, सिविल जज (सीडी) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा पत्र संख्या-87/एसएलएसए-02/2026-(ऋ/सरन) दिनांक 08 जनवरी 2026 के माध्यम से दिनांक 14 मार्च 2026, दिन द्वितीय शनिवार को जनपद मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उक्त आदेश के अनुपालन में माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफ्फरनगर के निर्देशानुसार दीवानी न्यायालय परिसर, मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सुनिश्चित किया गया है।

डॉ० सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित वादों का आपसी समझौते के माध्यम से निस्तारण कराना है, जिससे न केवल न्यायालयों पर बोझ कम हो, बल्कि वादकारियों को शीघ्र न्याय भी प्राप्त हो सके। लोक अदालत में ऐसे मामलों का निपटारा किया जाता है, जिनमें दोनों पक्ष आपसी सहमति से समाधान के लिए तैयार हों। इसमें दीवानी वाद, चेक बाउंस के मामले, बैंक ऋण वसूली, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, श्रम विवाद, बिजली-पानी के बिल संबंधी विवाद, राजस्व वाद एवं अन्य समझौता योग्य मामले शामिल होते हैं।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित मामलों में किसी प्रकार की न्यायालय फीस देय नहीं होती है। यदि किसी वाद में पूर्व में न्यायालय शुल्क जमा किया गया है, तो लोक अदालत में समझौते के बाद वह शुल्क भी वादकारी को वापस कर दिया जाता है। यही कारण है कि लोक अदालत आम जनता के लिए न्याय प्राप्त करने का एक सरल, सस्ता और प्रभावी माध्यम बन चुकी है। लोक अदालत में दिया गया निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है, जिसके विरुद्ध किसी प्रकार की अपील का प्रावधान नहीं है।

डॉ० सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने आमजन से अपील की कि जिन लोगों के मामले न्यायालयों में लंबित हैं अथवा जो अपने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं, वे इस राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इसके लिए संबंधित वादकारी अपने अधिवक्ता अथवा न्यायालय से संपर्क कर अपने मामलों को लोक अदालत में संदर्भित करा सकते हैं। इसके अलावा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक प्रतिनिधियों, बीमा कंपनियों और संबंधित विभागों के सहयोग से यह प्रयास किया जाएगा कि अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण एक ही दिन में आपसी सहमति से हो सके। अंत में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न केवल न्याय प्रक्रिया को सरल बनाती है, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द और विश्वास को भी मजबूत करती है।

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