मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में श्रीराम कॉलेज के बाहर जल निकासी की सुचारू व्यवस्था तथा ए-टू-जेड रोड पर सड़क चौड़ीकरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण अंतरविभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर के जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध ढंग से योजनाओं को धरातल पर उतारने के स्पष्ट निर्देश दिए।
बैठक के दौरान अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि श्रीराम कॉलेज के बाहर जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जल निगम द्वारा तैयार कर नगर पालिका को उपलब्ध कराए गए ड्रेनेज सिस्टम के डीपीआर की कुल अनुमानित लागत 476.7 लाख रुपये है। इस प्रस्ताव को आगामी बोर्ड बैठक में पारित कराते हुए धनराशि जल निगम को ट्रांसफर कर दी जाएगी, ताकि कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। इसके अतिरिक्त कॉलेज के बाहर सड़क निर्माण तथा दूसरी ओर नाले के निर्माण से संबंधित टेंडर प्रक्रिया नगर पालिका द्वारा पूरी कर ली गई है, जिसकी कुल लागत लगभग पांच करोड़ रुपये बताई गई। जिलाधिकारी ने इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
इसके साथ ही ए-टू-जेड रोड के चौड़ीकरण को लेकर भी बैठक में गंभीर मंथन हुआ। जिलाधिकारी ने एनडीए और नगर पालिका परिषद को संयुक्त रूप से सर्वे कर सड़क चौड़ीकरण की संभावनाओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान जल निकासी व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि भविष्य में जलभराव जैसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों में दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जिससे नागरिकों को स्थायी लाभ मिल सके।
बैठक में डॉग शेल्टर होम एवं एबीसी सेंटर से संबंधित सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुपालन की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद से इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी मांगी। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि ग्राम गीरापुर में चिन्हित 1540 वर्ग मीटर भूमि का 5 फरवरी 2026 को निरीक्षण किया गया था, जहां स्थानीय निवासियों ने डॉग शेल्टर होम एवं एबीसी सेंटर बनाए जाने का विरोध किया। इस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी (सदर) और अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि वे वैकल्पिक भूमि की तलाश करें, जिससे सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन करते हुए कार्य को आगे बढ़ाया जा सके और स्थानीय जनभावनाओं का भी सम्मान बना रहे।
बैठक में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के सचिव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, सहायक अभियंता मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण तथा नगर पालिका परिषद के अवर अभियंता (निर्माण) सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी विभागों से आपसी तालमेल के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य आमजन को सुविधाएं प्रदान करना है, इसलिए कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।























































