मुजफ्फरनगर। भारतीय शिक्षा व्यवस्था के शिल्पकार, स्वतंत्रता संग्राम के प्रखर नायक और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक भारत रत्न महामना पं. मदन मोहन मालवीय की जयंती के अवसर पर नगर में श्रद्धा, सम्मान और गौरव का भाव देखने को मिला। इस पावन अवसर पर मालवीय चौक स्थित उनके स्मारक पर नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर महामना के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को स्मरण किया।
नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप गुरुवार सुबह मालवीय चौक पहुंचीं, जहां उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, सभासदों और नगर के गणमान्य नागरिकों के साथ महामना की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी ऐतिहासिक भूमिका, शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित उच्च आदर्शों और सामाजिक सुधारों के प्रति उनके समर्पण को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान देश और समाज के प्रति समर्पण भाव से ओतप्रोत महामना के विचारों को आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान मालवीय चौक पर कराए गए सौंदर्यकरण कार्यों को लेकर ब्राह्मण समाज के गणमान्य लोगों ने नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव स्वरूप का अभिनंदन किया। उन्होंने स्मारक स्थल पर कराई गई नई लाइटिंग व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य विकास कार्यों की सराहना करते हुए नगर को सुंदर और सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए पालिका प्रशासन का आभार जताया। इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका डॉ. प्रज्ञा सिंह द्वारा कराए गए विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की भी उपस्थित लोगों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
अपने संबोधन में नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि नगर में स्थित महापुरुषों के स्मारकों और प्रतिमा स्थलों का संरक्षण व सौंदर्यकरण पालिका प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का जीवन और उनके विचार युवाओं के लिए दिशा दिखाने वाले हैं। मालवीय स्मारक चौराहे पर कराई गई लाइटिंग और सौंदर्यीकरण कार्य नगर की पहचान को और सुदृढ़ करेंगे। भविष्य में भी अन्य महापुरुषों के स्मारकों और प्रमुख चौराहों का इसी तरह विकास कराया जाएगा।
मालवीय जयंती पर अपने संदेश में मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि महामना का ज्ञान, सामाजिक सुधार की भावना और नैतिक नेतृत्व यह सिखाता है कि वास्तविक प्रगति प्रबुद्ध मस्तिष्क और करुणामय हृदय से शुरू होती है। उन्होंने समाज सुधार के साथ राष्ट्रीय चेतना को जागृत कर गुलामी की जंजीरों को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षा जगत में उनका योगदान अतुलनीय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव स्वरूप ने कहा कि बीएचयू के संस्थापक महामना मदन मोहन मालवीय ने शिक्षा को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बनाया। उनका संपूर्ण जीवन स्वराज, सामाजिक सुधार और भारतीय संस्कृति के उत्थान को समर्पित रहा। अस्पृश्यता उन्मूलन, महिला शिक्षा और किसान अधिकारों के लिए किए गए उनके प्रयास भारतीय सामाजिक पुनर्जागरण के महत्वपूर्ण अध्याय हैं। महामना का योगदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देता रहेगा।
इस अवसर पर सभासद प्रशांत गौतम, देवेश कौशिक, हिमांशु कौशिक, नवनीत गुप्ता, शहजाद चीकू, शोभित गुप्ता, नदीम खान सहित भाजपा मंडल अध्यक्ष, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व नागरिक उपस्थित रहे।















