महाराष्ट्र विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट कहा कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने को लेकर किसी भी तरह का कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र 106 शहीदों के बलिदान से बना एक सशक्त और एकजुट राज्य है।
सीएम ने दो टूक कहा कि चुनाव के समय ऐसी अफवाहें जानबूझकर उठाई जाती हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि मुंबई कल भी महाराष्ट्र का हिस्सा थी, आज भी है और भविष्य में भी रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों और भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान के मार्ग पर चलता रहेगा।
अब यह इतिहास बदल गया
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के सिद्धांतों को महाराष्ट्र में स्वीकार किया गया था, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर उनके बारे में कई गलतफहमियां थीं. CBSE की किताबों में मराठा साम्राज्य, हिंदवी स्वराज्य के बारे में सिर्फ़ एक पैराग्राफ था लेकिन, मुगलों का इतिहास 17 पन्नों में था. लेकिन अब यह इतिहास बदल गया है. केंद्र सरकार ने अब CBSE सिलेबस में छत्रपति शिवाजी महाराज और मराठा साम्राज्य का 21 पन्नों का इतिहास शामिल किया है.
अर्थव्यवस्था सभी पैमानों पर खरी उतरती है
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि राज्य के खजाने में पैसों की भरमार है, लेकिन बड़े राज्यों की अर्थव्यवस्थाओं को देखते हुए, महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था सभी पैमानों पर खरी उतरती है. RBI ने हमें अपने ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट के 25% तक लोन लेने की इजाज़त दी है. हम अभी इस लिमिट तक पहुंचने से बहुत दूर हैं.
इस मामले में हम देश में तीसरे नंबर पर हैं. ‘लाडकी बहिन’ जैसी योजनाओं के लिए फंड देने और किसानों की मदद करने के बाद भी, हमने अपने राजकोषीय घाटे को 3% के अंदर रखा है. हमने केंद्र सरकार की उम्मीद से ज़्यादा पूंजी निवेश किया है. विदेशी निवेश के मामले में महाराष्ट्र देश में नंबर वन है.















