मुजफ्फरनगर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला पंचायत सभागार में आयोजित जिला सलाहकार समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर गंभीर मंथन किया गया। बैठक में सांसद हरेंद्र मलिक और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। विशेष रूप से पीएम सूर्यघर योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गई। सांसद हरेंद्र मलिक ने बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी लाभार्थी का आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए और सभी मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि योजनाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने भी बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए बैंकों के जिला समन्वयकों को योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन बैंकों द्वारा योजनाओं के कार्यान्वयन में रुचि नहीं दिखाई जा रही है, उनके चेयरमैन को सीधे पत्र भेजकर जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। बैठक के दौरान पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख राजेंद्र पॉल ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि अग्रणी जिला प्रबंधक अनिल कुमार सिंह ने बैठक का संचालन करते हुए जिले में बैंकों की उपलब्धियों और योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।
मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण ने स्वयं सहायता समूहों की कैश क्रेडिट लिमिट की समीक्षा करते हुए बैंकों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक समूहों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके वित्तीय सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे।















