मुजफ्फरनगर। चुनाव आयोग द्वारा देशभर में मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए चलाए जा रहे एसआईआर अभियान के तहत मुजफ्फरनगर में जागरूकता और सहभागिता को लेकर विशेष पहल देखने को मिली। सोमवार को अल्पसंख्यक कांग्रेस मुजफ्फरनगर के जिला अध्यक्ष हकीम जफर महमूद ने ग्राम फुलत स्थित अपने आवास पर बीएलओ कुमारी प्रियंका और मास्टर सरताज के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के सही फॉर्म भरवाने में सक्रिय सहयोग दिया और फॉर्म को तुरंत बीएलओ के मोबाइल एप में अपलोड भी करवाया, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके।
एसआईआर अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची में गलतियों को सुधारना, नए मतदाताओं को जोड़ना और पुराने रिकॉर्ड को अपडेट करना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हकीम जफर महमूद ने स्वयं आगे बढ़कर ग्रामीणों को इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से कहा कि चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समय अब बहुत कम बचा है, इसलिए प्रत्येक eligible व्यक्ति को चाहिए कि वह अपना फॉर्म समय पर भरे और बीएलओ को वास्तविक जानकारी उपलब्ध कराए। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़ना और सही जानकारी दर्ज होना लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण लोग पहुंचे और अपने दस्तावेजों के साथ एसआईआर फॉर्म भरवाए। हकीम जफर महमूद ने हर व्यक्ति की जानकारी को ध्यानपूर्वक जांचा और सही तरीके से अपलोड करवाने में सहयोग किया। उन्होंने यह भी बताया कि कई लोग जानकारी के अभाव में फॉर्म भरने में असहज महसूस करते हैं, और यही वजह है कि संगठन और पदाधिकारियों का कर्तव्य है कि वे गांव-गांव जाकर लोगों की मदद करें। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की कि वे बीएलओ के काम में सहयोग करें ताकि क्षेत्र की पूरी मतदाता सूची समय पर अपडेट हो सके।
इस मौके पर अल्पसंख्यक कांग्रेस के कार्यकर्ता रफीक अब्बासी, मोहम्मद नईम और नदीम सहित कई स्थानीय निवासी भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर ग्रामीणों को फॉर्म भरने में मार्गदर्शन दिया। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कदमों से न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में जनता की भागीदारी भी मजबूत होती है।
इस प्रकार ग्राम फुलत में आयोजित यह कार्यक्रम एसआईआर अभियान को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ, जिसने लोगों को एकजुट होकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया में सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया।















