श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में पुलिस शहीद फुटबॉल टूर्नामेंट (मुश्ताक मेमोरियल कप) के फाइनल के दौरान राष्ट्रीय गान के समय खड़े न होने पर 15 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। यह कार्यक्रम 30 सितंबर को टीआरसी ग्राउंड में आयोजित किया गया था, जिसमें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी मौजूद थे। जैसे ही राष्ट्रीय गान शुरू हुआ, कुछ दर्शक खड़े नहीं हुए, जिसे लेकर प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
#WATCH | Srinagar, J&K | “… They make people stand up for the National Anthem on gunpoint. When I was in school, I and my peers would stand up for the National Anthem on our own, no one made us do it on gunpoint…,” says PDP Chief Mehbooba Mufti on the detention of some youths… pic.twitter.com/hBTMvcDS6A
— ANI (@ANI) October 1, 2025
पूर्व मुख्यमंत्री और PDP चीफ महबूबा मुफ्ती ने इस घटना पर सवाल उठाया और कहा कि ये लोग बंदूक की नोक पर लोगों को राष्ट्रगान के लिए खड़ा करना चाहते हैं। उन्होंने बीजेपी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। महबूबा ने कहा कि पहले स्कूल और कॉलेज में लोग स्वाभाविक रूप से राष्ट्रीय गान के समय खड़े हो जाते थे, तब किसी जबरदस्ती की जरूरत नहीं पड़ती थी, लेकिन अब इसके लिए बल का प्रयोग किया जा रहा है।
हालांकि हिरासत में लिए गए लोगों के परिजनों ने सफाई दी है कि यह घटना जानबूझकर नहीं हुई। उनका कहना है कि लाइव बैंड की आवाज कम थी और दर्शकों को पता ही नहीं चला कि गान शुरू हो गया है। दर्शक बैंड से काफी दूर थे और यह गलती से हुआ।
इस पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने चेतावनी दी और कहा कि अलगाववादियों और आतंकवादियों की भाषा बोलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की धरती राष्ट्र की अखंडता के लिए पुलिस, सेना और सीएपीएफ के शहीदों के बलिदान से सनी है। भारत की संप्रभुता और शहीदों के अनादर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।















