मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में महिला उत्पीड़न का एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज में बेटियों के प्रति सोच पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों के बीच मदीना कॉलोनी में एक विवाहिता को सिर्फ इसलिए ससुराल से निकाल दिया गया क्योंकि उसने एक बच्ची को जन्म दिया। पीड़िता आसमा की शादी वर्ष 2023 में सर्कुलर रोड निवासी शौकीन ने बड़े अरमानों के साथ मदीना कॉलोनी निवासी अरशद से कराई थी। शादी के शुरुआती एक साल तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन जैसे ही आसमा ने एक बेटी को जन्म दिया, ससुराल पक्ष का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। आरोप है कि बेटे की चाहत में ससुरालियों ने उसे लगातार ताने देना शुरू कर दिया और धीरे–धीरे मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न बढ़ता चला गया। स्थिति इतनी खराब हो गई कि आसमा को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद से वह पिछले करीब डेढ़ साल से अपने मायके में रहने को मजबूर थी।शनिवार को आसमा अपने भाई आदाब के साथ इस उम्मीद में ससुराल पहुंची थी कि आपसी बातचीत से विवाद सुलझ जाएगा और उसे उसका घर वापस मिल जाएगा। लेकिन वहां हालात और बिगड़ गए। पीड़िता के भाई शौकीन के मुताबिक, जब वे मदीना कॉलोनी स्थित ससुराल पहुंचे तो उन्हें घर के अंदर घुसने तक नहीं दिया गया। जब उन्होंने बातचीत करने की कोशिश की तो ससुराल पक्ष के लोगों ने आक्रामक रुख अपनाया। इसी दौरान आसमा के देवर शाहरुख ने आपा खो दिया और हमला कर दिया। आरोप है कि उसने आसमा पर चाकू से वार किया और उसके पेट में लात–घूंसे मारे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा–तफरी मच गई और परिजन घायल अवस्था में उसे तत्काल जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है।इस घटना के बाद पीड़िता के परिवार में गहरा आक्रोश है। परिजनों ने थाना सिविल लाइन में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही जा रही है। यह घटना न केवल महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में अभी भी मौजूद बेटा–बेटी के भेदभाव की मानसिकता को भी उजागर करती है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करती है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और ऐसे मामलों पर अंकुश लगाया जा सके।















