उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ को दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बताया है। उन्होंने कहा कि अब तक संगम में 53 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। लखनऊ में युवा उद्यमियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि महाकुंभ केवल आस्था का उत्सव नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ है। इस आयोजन से उत्तर प्रदेश की जीडीपी में लगभग 3.25 से 3.50 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी होने की संभावना है। उन्होंने महाकुंभ को प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला आयोजन बताते हुए कहा कि अगले नौ दिनों तक यह उत्सव अपने चरम पर रहेगा।
महाकुंभ से जीडीपी को 3.50 लाख करोड़ का फायदा
सीएम योगी ने धार्मिक पर्यटन को यूपी की जीडीपी से जोड़ते हुए कहा कि इससे यूपी की जीडीपी को भी फायदा होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ में अब भी लगातार लोग स्नान के लिए आ रहे हैं. संगम से लेकर तमाम सड़कें, बसें और रेलवे स्टेशन लोगों की भीड़ से पटे हैं. मेरा अनुमान है महाकुंभ खत्म होने तक 60 करोड़ लोग संगम में डुबकी लगा चुके होंगे. अगर ऐसा हुआ तो हमारा मानना है कि अकेले प्रयागराज महाकुम्भ-2025 से ही उत्तर प्रदेश की GDP में लगभग ₹3.25 से ₹3.50 लाख करोड़ की अतिरिक्त बढ़ोतरी होने वाली है. हमने आस्था को मान लिया कि इसमें कोई ताकत नहीं हैं. उसका दुष्परिणाम हमें भुगतना पड़ा हैं.
सीएम योगी ने इस दौरान विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोध करने वालों ने हर बात का विरोध किया है. इन्होंने अयोध्या में सड़क चौड़ी होने का विरोध किया, काशी विश्वनाथ कॉरीडोर का विरोध किया, लेकिन विकास कार्यों के लिए इच्छाशक्ति होनी चाहिए. सीएम योगी ने कहा कि अगर राज्य की ओर से साढ़े सात हज़ार करोड़ रुपये खर्च करके अगर अर्थव्यवस्था में तीन-साढ़े तीन लाख की बढ़ोतरी हो सकती हो तो कौन सा सौदा सही है.















