तहसील सदर बांदा में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन

बांदा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा संचालित राष्ट्र हेतु विशेष मध्यस्थता अभियान के अन्तर्गत मध्यस्थता के महत्व, उपयोगिता एवं सुलह के आधार पर वादों के निस्तारण कराये जाने के सम्बंध में तहसील सदर बांदा में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा द्वारा अपने सम्बोधन में बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मीडिएशन व कन्सीलेशन प्रोजेक्ट कमेटी, सर्वाच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा राष्ट्रहित में राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान के तहत मध्यस्थता के माध्यम से न्यायालयों में लम्बित ऐसे प्रकरण जिसमें सुलह समझौता के आधार पर समाधान की सम्भावना अधिक हो तो ऐसे प्रकरणों को उक्त अभियान के अन्तर्गत मध्यस्थता के माध्यम से सुलह के आधार पर निस्तारण कराया जाना हैं। जिससे कि न सिर्फ वादकारियों को त्वरित न्याय मिल सकेगा अपितु उनके धन व समय की भी बचत होगी। सचिव द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में प्रायः यह देखा जा रहा हैं कि पारिवारिक मामलों की संख्या अत्याधिक बढ़ती जा रही हैं, जिससे न सिर्फ पति-पत्नी और परिवारों का विघटन हो रहा है अपितु उनके बच्चों का जीवन भी अन्धकारमय हो रहा हैं। न्यायालयों में लम्बित वैवाहिक विवाद के अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण कर टूटते परिवारों का बचाना अति आवश्यक है। जिसमें राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा सम्पूर्ण देश में संचालित राष्ट्र हेतु मध्यस्थता अभियान अत्याधिक महत्वपूर्ण व आवश्यक हैं। इस अभियान से पक्षकारों के समय व धन की बचत होगी एवं त्वरित न्याय भी मिलेगा तथा न्यायालयों में लम्बित वादों की संख्या में अत्याधिक कमी भी आयेगी।
श्रीमती सुमन शुक्ला, पराविधिक स्वयं सेवक बांदा द्वारा अपने सम्बोधन में कहा गया कि इस अभियान में पारिवारिक मामलों प्री-लिटिगेशन के वाद एवं मा० न्यायालयों में लम्बित पारिवारिक मामलों के साथ-साथ दुर्घटना दावे के मामलें, घरेलू हिंसा के मामलें, चेक बाउन्स के मामलें, वाणिज्यिक विवाद के मामलें, शमनीय आपराधिक मामलें, उपभोक्ता विवाद के मामलें, ऋण वसूली के प्रकरण, सम्पत्ति के बटवारें से सम्बन्धित मामलें, बेदखली से सम्बन्धित मामले, भूमि अधिग्रहण के मामलें व अन्य उपयुक्त दीवानी प्रकरणों को भी मध्यस्थता के आधार पर निस्तारण हेतु शामिल किया गया हैं। यह अभियान 01 जुलाई, 2025 से 30 सितम्बर, 2025 तक चलाया जायेगा। अनुराग तिवारी सहायक अधिवक्ता द्वारा भी मध्यस्थता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए व मध्यस्थता की आवश्यकता के सम्बंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। शिविर में विकास पाण्डेय तहसीलदार-बांदा द्वारा समस्त श्रोतागणों को राज्य सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं के सम्बंध में जानकारी प्रदान की एवं शिविर का समापन करते हुए उपस्थित आये सभी अतिथिगण का एवं श्रोतागण का आभार व्यक्त किया गया। शिविर में धनन्जय सिंह ना. तहसीलदार बांदा, कुसुम यादव रा.लि., शोभित निगम, राशिद अहमद डीईओ एवं लेखपालगण उपस्थित रहें।

 

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts