अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र के कुंडला गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें 40 वर्षीय मजदूर नथूराम ने जहरीला पदार्थ सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जहरीला पदार्थ निगलने के तुरंत बाद उसकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने बिना देर किए उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन हालत लगातार खराब होती चली गई और कुछ ही देर बाद नथूराम ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर से गांव सहित पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।
जानकारी के अनुसार नथूराम मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा चलाता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह प्रतिदिन मेहनत-मजदूरी कर घर का खर्चा संभालता था। उसके परिवार में तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। परिजनों के अनुसार नथूराम पिछले काफी समय से शराब की लत से जूझ रहा था। शराब की आदत के चलते वह अक्सर तनाव में रहता था और घरेलू जिम्मेदारियों का बोझ भी उसे परेशान करता था। धीरे-धीरे उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति दोनों कमजोर होती चली गईं। परिजनों का कहना है कि कई बार उसे इस आदत को छोड़ने के लिए समझाया भी गया, लेकिन वह लत से उबर नहीं सका।
घटना वाले दिन भी नथूराम अकेले ही घर से निकला था। उसी दौरान उसने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। जब घरवालों ने उसकी स्थिति देखी तो तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। छोटे-छोटे बच्चों का भविष्य सुनसान हो गया है और पत्नी गहरे सदमे में है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या प्रतीत हो रहा है। फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।नथूराम की मौत ने गांव में शराब की लत और मानसिक तनाव जैसे गंभीर मुद्दों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नशामुक्ति और परामर्श की व्यवस्था उपलब्ध होती, तो शायद यह हादसा रोका जा सकता था।















