चित्तौड़गढ़।संयुक्त संघर्ष एवं को-ऑर्डिनेशन समिति चित्तौड़गढ़ के बैनर तले विभिन्न श्रमिक एवं किसान संगठनों ने केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और जन विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एक्टू, राजस्थान कर्मचारी महासंघ, राजस्थान शिक्षक संघ और विभिन्न किसान संगठनों के सैकड़ों सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में शहर में रैली निकाली और जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एडीएम को राष्ट्रपति के नाम 29 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में श्रम कानूनों में हो रहे संशोधनों को वापस लेने, आंगनबाड़ी, आशा, मिड डे मील समेत सभी योजना कर्मियों को स्थायी कर्मचारी घोषित करने और सम्मानजनक वेतन देने, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और मासिक पेंशन देने, मनरेगा में रोजगार गारंटी बढ़ाने और ठेका प्रथा समाप्त कर समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल रहीं।
प्रदर्शन के दौरान श्रमिक संगठनों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप था कि मौजूदा सरकार केवल पूंजीपतियों के हित साधने में लगी है जबकि मजदूर, किसान और आम जनता की अनदेखी की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।















