कोलकाता के बउबाजार इलाके के दुर्गा पिटुरी लेन के नीचे मेट्रो की टनल का काम चल रहा है. इस वजह से इलाके के कई मकानों में पानी रिस रहा है. इसी वजह से मेट्रो प्रशासन ने देर रात आनन- फानन में कई परिवारों को वहां से निकालकर होटलों में शिफ्ट कर दिया. इससे पहले भी तीन बार दुर्गा पिटुरी लेन में मकानों में दरारें आईं थी, जिस वजह से लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ गया था.
इलाके के लोगों ने आज सुबह विरोध प्रदर्शन किया और मेट्रो प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. लोगों ने आरोप लगाया है कि मेट्रो टनल की ड्रिलिंग के की वजह से ये सब हुआ है.
जानें क्या है पूरा मामला
खबरों के अनुसार, बोउबाजार इलाके में दुर्गा पिटुरी लेन में रह रहे लोगों और कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (केएमआरसीएल) के अधिकारियों के साथ काफी ज्यादा बहस हुई. ये लोग इमारतों में लगातार दरारों के पड़ने और पानी के रिसाव को लेकर परेशान हैं. लोगों का आरोप मेट्रो टनल की ड्रिलिंग की वजह से उनके मकानों में दरारें आ रही हैं. इसी बीच केएमआरसीएल ने सावधानी के रूप में 52 लोगों को रात को निकाला और उन्हें स्थानीय होटलों में भेज दिया. पूर्व-पश्चिम मेट्रो कॉरिडोर के सियालदह-एस्प्लेनेड खंड में सुरंग ड्रिलिंग के दौरान भूमिगत जल रिसाव की खबरों के बाद केएमआरसीएल ने यह कदम उठाया है.
केएमआरसीएल के अधिकारी ने कही ये बात
इसको लेकर केएमआरसीएल के एक अधिकारी ने बताया कि सावधानी के रूप में 11 परिवारों के 52 लोगों को चार नजदीकी होटलों में शिफ्ट किया गया है. रिसाव को इंजीनियरों ने बताया कि इसे रोक लिया गया है. हम अभी एक से दो दिन निगरानी करेंगे. इसके बाद हम निवासियों को वापस आने की अनुमति देंगे. इस समस्या को लेकर लोगों में गुस्सा है. उनका कहना है कि उनकी समस्या की जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा है.















