मुजफ्फरनगर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विगत दिवस ब्लॉक चरथावल के परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की संख्या, मध्याह्न भोजन व्यवस्था, शौचालय, जलापूर्ति एवं शिक्षण स्तर की गहन समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान अधिकांश विद्यालयों की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई और बच्चों की उपस्थिति अपेक्षाकृत अधिक रही।प्राथमिक विद्यालय दूधली-2 में निरीक्षण के समय उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करने पर सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए। विद्यालय में नामांकित 86 बच्चों में से 72 उपस्थित मिले। बच्चों की वर्दी, मध्याह्न भोजन, स्वच्छता व्यवस्था और शौचालय की स्थिति अच्छी पाई गई। विद्यालय परिसर में हैंडपंप व सबमर्सिबल भी सुचारू रूप से काम कर रहे थे।उच्च प्राथमिक विद्यालय गुनियाजुड्ड़ी का निरीक्षण करने पर भी शिक्षकों की उपस्थिति पूर्ण रही। यहां कुल 148 में से 131 बच्चे उपस्थित पाए गए। विद्यालय की भौतिक स्थिति, शैक्षिक स्तर और भोजन व्यवस्था मानक के अनुरूप रही। बच्चों की वर्दी और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया था।उच्च प्राथमिक विद्यालय बिरालसी में सहायक अध्यापिका श्वेता राठी बाल्य देखभाल अवकाश पर थीं जबकि अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। यहां 124 नामांकित बच्चों में से 89 उपस्थित मिले। विद्यालय की पढ़ाई, भोजन व्यवस्था और स्वच्छता संतोषजनक रही।उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला राई में निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापिका सरिता रानी आकस्मिक अवकाश पर थीं जबकि अन्य शिक्षक अपनी जिम्मेदारी पर उपस्थित पाए गए। विद्यालय में नामांकित 417 बच्चों में से 354 उपस्थित रहे। विद्यालय की भौतिक स्थिति और शैक्षिक वातावरण बेहतर पाया गया।इसी क्रम में ब्लॉक संसाधन केंद्र चरथावल में चल रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (20 अगस्त से 25 अगस्त) का भी निरीक्षण किया गया। यह प्रशिक्षण प्राथमिक स्तर के बच्चों में पढ़ने-लिखने और बुनियादी गणितीय कौशल विकसित करने पर केंद्रित था। अधिकारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य सत्र 2025-26 में 3 से 8 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को बुनियादी शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और भावनात्मक विकास की ओर प्रोत्साहित करना है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को कहानी सुनाने, खेल आधारित गतिविधियों और टीएलएम के प्रयोग से बच्चों की शिक्षा को प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय अमीगढ़, चरथावल का भी निरीक्षण किया गया। यहां की कक्षाएं नियमित संचालित मिलीं। बालिकाओं के लिए शौचालय, स्नानागार, जलापूर्ति व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता थी और बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन निर्धारित मात्रा में दिया जा रहा था। परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश वार्डन को दिए गए।निरीक्षण के समग्र परिणामों में यह सामने आया कि अधिकांश विद्यालयों की व्यवस्था और शैक्षिक स्तर संतोषजनक है। बच्चों की उपस्थिति अच्छी रही और मध्याह्न भोजन व्यवस्था भी निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हो रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए समय-समय पर ऐसे निरीक्षण आगे भी किए जाते रहेंगे।















