भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने भारत-पाक संघर्षविराम का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम निर्दोष नागरिकों, किसानों और श्रमिकों की पीड़ा को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। यूनियन ने कहा कि सीजफायर अस्थायी राहत जरूर देता है, लेकिन जब तक स्थायी समाधान और पारदर्शी द्विपक्षीय बातचीत नहीं होती, तब तक सीमापार तनाव बना रहेगा। यूनियन ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को देश की सैन्य शक्ति का प्रमाण बताया और कहा कि पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली की कमर टूट गई। तुर्की को छोड़कर किसी भी देश ने पाकिस्तान का समर्थन नहीं किया, यहां तक कि चीन ने भी शांति की अपील की। अमेरिका, रूस, इस्राइल और ब्रिटेन ने भारत का समर्थन कर आतंकवाद की निंदा की। हालांकि यूनियन ने अमेरिका की भूमिका को संदेहास्पद बताया और कहा कि उसका हस्तक्षेप अक्सर स्वार्थ आधारित होता है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि युद्धों से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब किसान, श्रमिक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को होता है। संगठन ने संघर्षरत जनता के साथ एकजुटता जताते हुए न्यायपूर्ण शांति की दिशा में हर पहल का समर्थन दोहराया।















