भारतीय सेना ने लागू की नई फिटनेस नीति, अब 60 वर्ष तक साल में दो बार होगा शारीरिक परीक्षण

भारतीय सेना ने अपने अधिकारियों और जवानों की शारीरिक दक्षता को बनाए रखने और युद्ध क्षमता को मजबूत करने के लिए नई फिटनेस नीति लागू की है। इस नई नीति के तहत अब 60 वर्ष की आयु तक के सभी अधिकारी और जवान साल में दो बार संयुक्त शारीरिक परीक्षण (Joint Physical Test) देंगे। सेना का मानना है कि फिटनेस न केवल शारीरिक क्षमता का प्रतीक है, बल्कि यह नेतृत्व और मनोबल से भी गहराई से जुड़ी होती है। इसलिए इस नीति का मुख्य उद्देश्य है सैनिकों की तैयारी, तत्परता और नेतृत्व क्षमता को और बेहतर बनाना।

पहले सेना में आयु और रैंक के आधार पर शारीरिक परीक्षण की सीमाएं तय होती थीं, लेकिन नई नीति ने इसे सभी के लिए समान कर दिया है। अब यह नियम सेना के सभी अंगों—थलसेना, वायुसेना और नौसेना—के अधिकारियों और जवानों पर समान रूप से लागू होगा। इस नीति के तहत सैनिकों को साल में दो बार अनिवार्य रूप से फिटनेस टेस्ट पास करना होगा, जिसमें दौड़, पुशअप्स, सिटअप्स, और स्ट्रेंथ टेस्ट जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी।

सेना ने कहा है कि यह कदम जवानों के स्वास्थ्य और अनुशासन दोनों को मजबूती देगा। बढ़ती उम्र के साथ भी अधिकारी और सैनिक सक्रिय और शारीरिक रूप से सक्षम बने रहेंगे। साथ ही, यह नीति सेना में फिटनेस की नई संस्कृति को प्रोत्साहित करेगी और युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण पेश करेगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से सेना की समग्र युद्ध क्षमता, मानसिक स्फूर्ति और नेतृत्व क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts