सऊदी अरब की जेल में एक साल से कैद भारतीय एक्टिविस्ट जहैक तनवीर रिहा हो गए हैं. जहैक को दिसंबर 2023 में पाकिस्तान विरोधी कंटेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में सऊदी अरब में गिरफ्तार किया गया था. जो अब एक साल के बाद जेल से आजाद हो गए हैं.
भारतीय दूतावास और विदेश मंत्री को कहा धन्यवाद
जेल से बाहर आने के बाद जहैक तनवीर ने सोशल मीडिया पर अपनी रिहाई की पुष्टि की. तनवीर ने अपनी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए भारत और भारतीय दूतावास को धन्यवाद कहा है. जहैक ने विशेष कर विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारतीय राजनयिक सुहेल एजाज खान को धन्यवाद दिया. जहैक ने बताया कि भारतीय अधिकारी अक्सर उनसे मिलने जेल में आते थे और उन्हें हर तरह से मदद करते थे.
जेल से रिहा होने के बाद बोले जहैक तनवीर
39 साल के जहैक तनवीर ने द प्रिंट से कहा कि उन्हें दिसंबर 2023 में पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) की शिकायत के बाद सऊदी पुलिस ने गिरफ्तार किया था. तनवीर पर आरोप लगा था कि उन्होंने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की थी.सऊदी अधिकारियों ने जहैक के पोस्ट को पाकिस्तान और सऊदी अरब के राजनयिक संबंधों को नुकसान पहुंचाने वाला माना था. इसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी. तनवीर ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि सऊदी अरब में पाकिस्तान के खिलाफ बोलना मना है.
???????????????????? Indian Diplomacy Triumphed in My Case: I wholeheartedly thank the officials of @IndianEmbRiyadh and the officials at the Ministry of External Affairs (MEA) for their unprecedented support.
— Zahack Tanvir – ضحاك تنوير (@zahacktanvir) February 3, 2025
My deepest gratitude to everyone who stood by me during this challenging time with… pic.twitter.com/2VFuc6vDx5
अच्छा नहीं था सऊदी अरब के अधिकारियों का व्यवहार
तनवीर ने द प्रिंट को बताया कि सऊदी अरब की पुलिस ने जहैक को हिरासत में लेने के बाद लंबे समय तक बैठाए रखा था. उन्हें कई घंटों तक यह भी नहीं बताया कि उन पर कौन से आरोप लगाए गए हैं. लंबी पूछताछ के बाद सऊदी के अधिकारियों ने दावा करते हुए कहा, “आप पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच तनाव पैदा करना चाहते हैं.”तनवीर ने कहा कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट करने का उद्देश्य दोनों देशों के बीच राजनयिक दरार पैदा करना नहीं था. जहैक ने कहा, “मैंने सिर्फ पाकिस्तान में कट्टरपंथ को बढ़ावा देने और पाकिस्तानी जेलों में अफगान बच्चों को बंद करने पर लिखा था.















