प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्र को तीन नौसेना के युद्धपोत समर्पित किए. पीएम ने मुंबई में पहली बार एक विध्वंसक, एक फ्रिगेट और एक पनडुब्बी को एक साथ जलावतरण किया. इसके साथ ही भारतीय नौसेना के युद्धपोतों आईएनएस सूरत, आईएनएस नीलगिरी और आईएनएस वाघशीर नौसेना डॉकयार्ड में शामिल किया गया. ये तीनों ‘मेड इन इंडिया’ हैं.पीएम मोदी ने अपने सोशस साइट एक्स पर इनका वीडियो शेयर करते हुए लिखा एक यादगार दिन रहा, जो एक मजबूत भारत सुनिश्चित करेगा!तीन नौसैनिक युद्धपोतों के जलावतरण के बाद बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा एक खुले, सुरक्षित, समावेशी और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन किया है.
A memorable day, which will ensure a stronger India! pic.twitter.com/YypdGW9Q2K
— Narendra Modi (@narendramodi) January 15, 2025
एक प्रमुख समुद्री शक्ति बन रहा है भारत: पीएम
उन्होंने कहा कि भारत एक प्रमुख समुद्री शक्ति बन रहा है और दुनिया में एक विश्वसनीय और जिम्मेदार भागीदार के रूप में पहचाना जा रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल ने देश को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया है.उन्होंने कहा कि हमें समुद्र को नशीले पदार्थों, हथियारों और आतंकवाद से बचाने और इसे सुरक्षित और समृद्ध बनाने में वैश्विक भागीदार बनना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में उभरा है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक गतिशीलता को दिशा देने में प्रमुख भूमिका निभाने जा रहा है.उन्होंने कहा, ”क्षेत्रीय जल की रक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और सुरक्षित व्यापार आपूर्ति लाइनों और समुद्री मार्गों को बनाए रखना महत्वपूर्ण है.” मोदी ने आगे कहा कि भारत विकास के लिए काम कर रहा है, विस्तारवाद के लिए नहीं. उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 33 जहाज और सात पनडुब्बियां नौसेना में शामिल की गई हैं. “
जानें कैसे खास हैं नौसेना के ये तीन नए युद्धपोत
बता दें कि प्रोजेक्ट 15B स्टील्थ विध्वंसक वर्ग का चौथा और अंतिम पोत, INS सूरत, कोलकाता-श्रेणी के विध्वंसक का अनुवर्ती है. इसमें डिजाइन और क्षमता में सुधार शामिल हैं, जो इसे नौसेना के सतही बेड़े में एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त बनाता है. INS नीलगिरि की तरह, इसे भी युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया है और MDL में निर्मित किया गया है.INS वाघशीर स्कॉर्पीन-श्रेणी परियोजना 75 के तहत छठी और अंतिम पनडुब्बी है. यह एक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है, जिसे सतही युद्ध, पनडुब्बी रोधी युद्ध और खुफिया जानकारी एकत्र करने सहित कई भूमिकाओं के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें मॉड्यूलर निर्माण की सुविधा है, जिससे भविष्य में एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक जैसे अपग्रेड संभव हो सकेंगे.















