मुजफ्फरनगर विकास भवन में आयोजित बासमती धान-बायर-सेलर मीट में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में बासमती उत्पादन, गुणवत्ता और निर्यात के विषयों पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम में एपीडा, कृषि विभाग, निर्यातकों और लगभग 110 किसानों ने सहभागिता की। एपीडा के रितेश शर्मा ने बताया कि भारत के कुल कृषि निर्यात का 20% हिस्सा बासमती चावल से आता है और 6 मिलियन टन निर्यात से 5390 मिलियन डॉलर की विदेशी मुद्रा अर्जित हुई। प्रमुख निर्यातकों ने पीबी-1, 1121, 1718 जैसी प्रजातियों की जानकारी दी। किसानों ने बासमती उत्पादन में आने वाली समस्याओं पर सवाल पूछे, जिनके समाधान विशेषज्ञों द्वारा दिए गए। कृषि विभाग ने बताया कि अनुदान पर बीज उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने किसानों से बाजार मांग के अनुसार खेती करने, गुणवत्ता युक्त बीज उपयोग करने और लागत कम करने के लिए तकनीकी विधियां अपनाने का आह्वान किया। युवाओं को बासमती प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग में रोजगार के अवसर अपनाने को कहा गया। कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए।























































