मुजफ्फरनगर के स्वदेशी मेले में जादू, खादी और मिट्टी के दीयों की छटा बिखरी, बढ़ी राम मंदिर प्रतिमाओं की मांग

मुजफ्फरनगर के नवीन मंडी परिसर में चल रहे यूपी ट्रेड शो स्वदेशी मेले में इस बार देशी हुनर और परंपरा का रंग जमकर देखने को मिल रहा है। मेले में कुल 43 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें स्वदेशी उत्पादों की विविधता ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है। खादी वस्त्रों से लेकर मिट्टी के दीयों, लैंप, बर्तनों और तवों तक — हर वस्तु में भारतीय कारीगरी और स्थानीय प्रतिभा की झलक दिखाई दे रही है।

स्वदेशी मेले की सबसे खास आकर्षण रही जादूगर आर्यन की प्रस्तुतियां, जिन्होंने बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी का मनोरंजन किया। मैजिक शो के दौरान मंच पर उन्होंने कई रोमांचक और रहस्यमय जादू के करतब दिखाए, जिन पर दर्शकों ने तालियां बजाकर खूब सराहना की। मेले का यह मनोरंजन कार्यक्रम लोगों के लिए यादगार साबित हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने प्रतिभाग किया। उन्होंने मेले में लगाए गए सभी स्टॉलों का अवलोकन किया और हस्तनिर्मित वस्तुओं की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पाद न केवल भारतीय संस्कृति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का भी माध्यम हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करें और स्थानीय कारीगरों का उत्साहवर्धन करें।

मेले में दैनिक उपभोग की वस्तुएं जैसे खादी, ऑडियो रामायण, हिंदी किताबें और गुड़ विशेष रूप से लोकप्रिय हो रहे हैं। साथ ही राम मंदिर की प्रतिमाएं भी आगंतुकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। स्थानीय शिल्पकारों द्वारा बनाई गई इन प्रतिमाओं की मांग दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। इसके अलावा, सुंदर मिट्टी के दीए और मिट्टी से बने लैंप दिवाली से पहले लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। लोग उत्साह के साथ इन वस्तुओं की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे मेले का वातावरण उत्सव जैसा बन गया है।

इस अवसर पर उपायुक्त उद्योग जैस्मिन और सीओ ट्रैफिक ऋषिका सिंह भी मौजूद रहीं। दोनों अधिकारियों ने मेले का निरीक्षण कर स्टॉल धारकों से बातचीत की और व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देते हैं और लोगों को “वोकल फॉर लोकल” की भावना के प्रति प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम का सफल संचालन बाल कल्याण समिति के सदस्य राजीव कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने मंच से आए हुए सभी आगंतुकों, अधिकारियों और कलाकारों का स्वागत किया और मेले के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वदेशी मेला न केवल व्यापारिक मंच है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और कौशल का जीवंत प्रदर्शन भी है।

मुजफ्फरनगर का यह स्वदेशी मेला लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां मनोरंजन, संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों का संगम एक साथ देखने को मिल रहा है। यह आयोजन “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” की भावना को साकार करता हुआ स्थानीय प्रतिभा को नई पहचान दे रहा है।

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