रमजान में इजराइल ने गाजा पर दागे मिसाइल तो एकजुट हुए मुस्लिम देश

इजराइल के अचानक सीजफायर तोड़ने के बाद हुए हमलों में करीब 400 फिलिस्तीनी नागिरकों की मौत हो चुकी है. जिसमें ज्यादातर बच्चे और महिलाएं शामिल हैं. इजराइल के इस कदम की अरब देशों समेत पूरी दुनिया में निंदा की जा रही है. इस्लामिक देशों के संगठम OIC ने कहा कि इजराइल के नए हमले फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ युद्ध अपराध और नरसंहार की निरंतरता हैं.दूसरी ओर सऊदी अरब के मक्का में मौजूद इस्लाम धर्म की सबसे खास मस्जिद ‘मस्जिद-अल-हरम’ में फिलिस्तीन की जीत की दुआ की गई है. दुआ के दौरान इमाम शेख सुदैस समेत लगभग सभी नमाजी रोते हुए दिखाई दिए और सभी ने फिलिस्तीनी लोगों और जेरुसलेम की मस्जिद अल-अक्सा की हिफाजत की दुआ मांगी.

OIC की दुनिया से अपील

OIC (Organization of Islamic Cooperation) ने इजराइल के गाजा पर हमलों की निंदा करने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से आह्वान किया कि वह इजराइली आक्रमण को तत्काल खत्म करके और क्रॉसिंग खोलकर, गाजा के सभी हिस्सों में मानवीय सहायता की आपूर्ति सुनिश्चित करे. इसके अलावा OIC KS बयान में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र फिलिस्तीनी लोगों को विस्थापित करने और उनकी भूमि पर कब्जा करने के प्रयासों के खिलाफ खड़े होकर और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा प्रदान करके अपनी जिम्मेदारी निभाए.

इजराइल के हमलों में 400 फिलिस्तीनियों की मौत

मंगलवार को हुए इजराइलों हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित 400 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए, इन हमलों ने हमास के साथ दो महीने लंबे नाजुक संघर्ष विराम समझौते को लगभग तोड़ दिया है. इजराइल के इस हमले ने दुनिया भर में निंदा की लहर पैदा की है, साथ जानकारों ने 17 महीने से चल रहे नरसंहार हमले को फिर से शुरू करने की आशंका जताई है.

वहीं व्हाइट हाउस का कहना है कि इजराइल ने गाजा में रातोंरात हमले शुरू करने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से परामर्श किया था.

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts