मुज़फ्फरनगर में उस समय हड़कंप मच गया जब खतौली कस्बे की रहने वाली एक महिला ने पति और ससुराल पक्ष द्वारा की जा रही निरंतर प्रताड़ना से तंग आकर एसएसपी कार्यालय परिसर में अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत दौड़कर महिला को बचाया और गंभीर जलने की शिकायत के चलते उसे सीओ की सरकारी गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया। महिला का नाम सोनी उर्फ ईरम बताया गया है, जो पिछले कई वर्षों से घरेलू हिंसा, आर्थिक शोषण और जान से मारने की धमकियों से जूझ रही है।
पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी लगभग 12 साल पहले भोपा थाना क्षेत्र के भोकरहेड़ी निवासी आज़ाद उर्फ सब्बू से हुई थी। विवाह के शुरुआती समय से ही पति का व्यवहार उसके प्रति अत्याचारपूर्ण रहा। आए दिन मारपीट, गाली-गलौज और दहशत का माहौल बनाकर उसे मानसिक रूप से तोड़ा जाता था। सोनी ने कहा कि उसका पति लगातार मायके से पैसे लाने का दबाव बनाता रहा। कई बार उसके भाई आदिल ने वैवाहिक रिश्ते को टूटने से बचाने के लिए पैसों की मदद भी की, लेकिन इसके बावजूद पति और ससुराल पक्ष के व्यवहार में सुधार नहीं आया।
महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति ने उसके आभूषणों तक को बेच दिया और जब भी उसने विरोध किया, उसे जान से मारने की धमकी दी गई। सोनी ने बताया कि उसके साथ-साथ उसके भाई आदिल को भी लगातार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा है। 19 नवंबर की सुबह की घटना बताते हुए उसने बताया कि पति ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि पति ने अवैध हथियार से भी उस पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की। मायके पक्ष द्वारा समझाने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया और उत्पीड़न का सिलसिला जारी रहा।
सोनी ने बताया कि उसने कई बार थाना स्तर पर शिकायतें भी दर्ज कराईं, लेकिन उचित कार्रवाई न होने के कारण वह खुद को पूरी तरह असहाय और निराश महसूस कर रही थी। लगातार बढ़ रहे तनाव और डर ने उसे इतने मानसिक दबाव में डाल दिया कि उसने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर आत्मदाह जैसा कदम उठाने की कोशिश की।
घटना के बाद पुलिस हरकत में आई है। एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि गुरुवार को भी पीड़िता के पति के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और मामले की जांच जारी है। महिला को फिलहाल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना फिर एक बार यह सवाल खड़ा करती है कि घरेलू हिंसा के मामलों में पीड़िताओं को समय रहते न्याय और सुरक्षा क्यों नहीं मिल पाती, और क्यों कई बार उन्हें मजबूरी में ऐसे चरम कदम उठाने पड़ते हैं।मुज़फ्फरनगर पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है और पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया जा रहा है।
















