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इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए), उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक संगठन, लंबे समय से लीज होल्ड औद्योगिक भूमि को फ्री होल्ड में बदलने की मांग कर रहा है। 30 नवंबर 2023 को लखनऊ में आयोजित MSME उद्यमी महासम्मेलन में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाया गया। लीज होल्ड भूमि पर विभिन्न गतिविधियों के लिए उद्यमियों को बार-बार सरकारी मंजूरी लेनी पड़ती है, जिससे समय और संसाधनों का नुकसान होता है।
मुख्य तर्क यह है कि जब उद्यमी द्वारा सभी लागतें चुकाई जा चुकी हैं, तो उन्हें भूमि पर पूर्ण स्वामित्व मिलना चाहिए। फ्री होल्ड भूमि से प्रशासनिक जटिलताएँ कम होंगी, जिससे उद्योगों का विस्तार तेज होगा। इससे न केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।
देश के कई अन्य राज्यों ने पहले से ही ऐसी नीतियाँ लागू की हैं, और उत्तर प्रदेश में भी 2016 में एक नीति जारी की गई थी, लेकिन यह केवल बड़े उद्योगों पर लागू होती है। आईआईए इस नीति को छोटे उद्योगों पर भी लागू करने की मांग कर रहा है, ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें।















