औरैया जिले के फफूंद थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव में एक 23 वर्षीय युवक, कन्हैया, ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि कन्हैया, जो मेहनत-मजदूरी करता था, अपनी बहन के लापता होने और पुलिस द्वारा मदद न किए जाने से परेशान था।
19 दिसंबर को कन्हैया की 17 वर्षीय बहन अपने मामा के बेटे के साथ चली गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 20 दिसंबर को मृतक के पिता और भाई ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। आरोप है कि हल्का इंचार्ज मुकेश कुमार ने रिश्वत के तौर पर ₹10,000 मांगे, और रुपये न देने पर शिकायत को नकार दिया गया।

घटनाक्रम के चलते, कन्हैया ने 3 जनवरी की सुबह गांव के बाहर पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद ग्रामीणों और परिवारजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और शव को उतारने से इनकार कर दिया। हंगामे की सूचना पर अजीतमल, अयाना, दिबियापुर सहित अन्य थानों की पुलिस, सीओ भरत पासवान और एसडीएम मौके पर पहुंचे।
ग्रामीण और परिवारजन हल्का इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस प्रशासन ने समझाने की कोशिश की, लेकिन तनाव बना हुआ है।















