घायलों की हालत नॉर्मल
घायलों का उपचार फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पताल में शुरू किया गया। रात 10:30 पर हुए हादसे के बाद रात 11 बजकर 5 मिनट पर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था। जिसके बाद इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ की टीम उनके उपचार में जुट गई।एसमओ डॉ. केडी सिंह भी एमरजेंसी में पहुंचे और जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त डॉक्टर्स और स्टाफ को बुलाया गया। डॉ. केडी सिंह ने बताया कि उपचाराधीन घायलों में सोनू कुमार को लगभग 30 फीसदी, आशुतोष को लगभग 15 फीसदी, संगीता कुमार को 10 फीसदी व अजय को 5 फीसदी बर्न इंजरी हुई है।सभी घायलों का उपचार सिविल अस्पताल में ही किया जा रहा है। एसएमओ केडी सिंह ने बताया कि सभी घायलों की हालत नार्मल हो रही है तथा उन्होंने खाना पीना भी शुरू कर दिया है।
पटाखे में धमाका से हुआ हादसा
उधर, पुलिस की प्रारंभिक जांच में हावड़ा मेल से ले जाई जा रही पटाखे में धमाका होने के कारण हादसा होने की बात सामने आई है। शनिवार रात ही मौके पर पहुंचे रेलवे पुलिस के डीएसपी जगमोहन सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि पटाखे में धमाका होने के कारण हादसा होने की बात सामने आई।एक बाल्टी में रखी हुई थी। जिसमें आचनक आग लगी। आग लगने की वजह किसी यात्री का धुम्रपान करना हो सकता है। डीएसपी के मुताबिक फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि बाल्टी किस यात्री की थी। उन्होंने बताया कि घटना की जांच जीआरपी थाना सरहिंद के प्रभारी रतन लाल को जांच सौंपी गई है।
हावड़ा मेल का आठवां ठहराव
थाना प्रभारी रतन लाल ने बताया कि बीएनएस की धारा 125, 125ए, 125बी और रेलवे एक्ट 1989 की धारा 164 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि अमृतसर से चल कर सरहिंद स्टेशन हावड़ा मेल का आठवां ठहराव था। लिहाजा पीछे के स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
छठ पूजा के कारण जा रहे थे घर
हावड़ा मेल में हुए धमाके में झुलसे अजय कुमार तथा उसकी पत्नी संगीता कुमारी ने बताया कि छठ पूजा के कारण उन्होंने अपने घर बिहार जाना था जिसको लेकर वह रेलवे स्टेशन फगवाड़ा से ट्रेन में चढ़े थे।आशुतोष पाल ने बताया कि भाई दूज के कारण उन्होंने अपने घर उत्तर प्रदेश जाना था जिसको लेकर वह अमृतसर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पर बैठे थे। सोनू कुमार ने बताया कि छठ पूजा को लेकर उन्होंने अपने घर बिहार जाना था जिसको लेकर वह जालंधर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पर बैठे थे।















