लेह में हिंसा के बाद गिरफ्तार किए गए जाने-माने पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी मामले में अब सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करने जा रहा है। वांगचुक की पत्नी ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिस पर आज सुनवाई निर्धारित की गई है। उन्होंने अदालत से अपील की है कि वांगचुक को तत्काल रिहा किया जाए क्योंकि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन और नागरिक अधिकारों की आवाज उठाने के कारण हिरासत में लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, लेह में पिछले सप्ताह स्थानीय प्रशासन और नागरिक संगठनों के बीच बढ़ते तनाव के बीच वांगचुक को गिरफ्तार किया गया था। उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसके तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमे के लंबे समय तक हिरासत में रखा जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि वांगचुक की गतिविधियों से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी, जबकि उनके समर्थकों का दावा है कि वे केवल लद्दाख के पर्यावरण और जन अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन चला रहे थे।
वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद से देशभर में उनके समर्थन में आवाज़ें उठ रही हैं। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरणविदों और शिक्षाविदों ने उनकी रिहाई की मांग की है। लद्दाख में भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासनिक कार्रवाई की निंदा की है। सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई को लेकर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह मामला न केवल एक व्यक्ति की स्वतंत्रता बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों के सवाल से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है। अदालत का निर्णय आने वाले दिनों में लद्दाख की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।















