अलवर संत निरंकारी मिशन का चार दिवसीय वार्षिक संत समागम 31 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक हरियाणा स्थित सामान रखा आध्यात्मिक स्थल पर आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष समागम की मूल प्रेरणा “आत्म मंथन” निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य आत्म चिंतन एवं आंतरिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।
इस विश्व स्तरीय आध्यात्मिक आयोजन में भारत सहित विदेशों से लगभग पाँच हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। अलवर जिले से भी हजारों श्रद्धालु बसों और ट्रेनों के माध्यम से समागम में भाग लेने के लिए आज रवाना हुए।
निरंकारी समागम कमेटी के कोऑर्डिनेटर जोगिंदर सुखीजा ने बताया कि समागम के दौरान प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक भक्ति, आध्यात्मिक प्रवचन तथा ज्ञान केंद्रित मुख्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु अपने आध्यात्मिक विचार एवं प्रस्तुतियाँ देंगे।
इस वर्ष भी रूहानी कवि दरबार समागम का विशेष आकर्षण रहेगा, जिसमें प्रेम, सेवा और समर्पण की भावनाओं को काव्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही एक ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें संत निरंकारी मिशन के इतिहास, सिद्धांतों और सामाजिक-आध्यात्मिक प्रयासों को रचनात्मक रूप से दर्शाया जाएगा।
समागम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। हरियाणा सरकार के सहयोग से 60 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहाँ मिशन के सेवादार ट्रैफिक और व्यवस्था को संभालते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित कर रहे हैं। मिशन ने सरकार का आभार व्यक्त किया है कि इस आध्यात्मिक आयोजन के लिए विशेष सुरक्षा एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया गया।
गौरतलब है कि निरंकारी मिशन 1929 से ब्रह्मज्ञान की रोशनी के माध्यम से मानवता में प्रेम और एकता का संदेश प्रसारित कर रहा है। वर्ष 1948 से वार्षिक संत समागम की परंपरा जारी है। वर्तमान समय में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज मिशन के संदेश को नई ऊर्जा और सहजता के साथ जन-जन तक पहुँचा रही हैं।















