मुजफ्फरनगर। थाना सिविल लाइन पुलिस ने फाइनेंस के माध्यम से ऋण दिलाने का झांसा देकर लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग करने वाले एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कई एटीएम कार्ड, फर्जी दस्तावेज, बैंक पासबुक, मोबाइल फोन और एक कार बरामद की गई है। पुलिस मामले की गहन जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस के अनुसार ग्राम सीकरी थाना भोपा निवासी फरजाना पत्नी तहसीन ने थाना सिविल लाइन में लिखित शिकायत देकर बताया था कि बादल राणा निवासी ग्राम निरपुड़ा थाना दोघट जनपद बागपत तथा शुभम उर्फ आर्यन तोमर निवासी ग्राम वजीदपुर थाना बड़ौत जनपद बागपत ने उन्हें फाइनेंस के माध्यम से ऋण दिलाने का लालच दिया। आरोपियों ने उनके नाम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाता खुलवाया और खाता खुलने के बाद पासबुक, चेकबुक तथा एटीएम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए। इसके बावजूद उन्हें कोई ऋण नहीं दिलाया गया।
शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने फरजाना के बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन के लिए किया। जांच आगे बढ़ने पर यह भी पता चला कि आरोपियों ने गांव के अन्य लोगों को भी बहकाकर उनके बैंक खाते खुलवाए और उनके बैंकिंग दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर खातों का अवैध उपयोग किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन में मुकदमा अपराध संख्या 147/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना सिविल लाइन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 17 जून 2026 को मुखबिर की सूचना और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मॉल रोड क्षेत्र से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 7 एटीएम कार्ड, 4 फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 8 मोबाइल फोन तथा एक कार बरामद की गई।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल डेटा की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
























































