मुजफ्फरनगर। केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपद मुजफ्फरनगर में “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत विकसित कृषि संकल्प अभियान का आयोजन किया गया। अभियान के तहत विकास खण्ड सदर के ग्राम बझेड़ी, बड़ावाला, विकास खण्ड बुढाना के ग्राम जेलपुर और रायपुर अटेरना तथा विकास खण्ड चरथावल के ग्राम सिकन्दरपुर और लुहारी में कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की जानकारी देकर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। कृषि विज्ञान केन्द्र, बघरा के डॉ. रविन्द्र मलिक ने खेत बचाओ अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मिट्टी की उर्वरता और उत्पादकता को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए किसानों को नियमित रूप से मिट्टी की जांच करानी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर ही रासायनिक उर्वरकों का संतुलित मात्रा में प्रयोग किया जाए, जिससे उत्पादन लागत कम हो और भूमि की गुणवत्ता भी बनी रहे।
उन्होंने किसानों को हरी खाद के उपयोग, जैव उर्वरकों के महत्व तथा बीज शोधन की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही समय पर फसलों की बुवाई करने से होने वाले लाभों को बताते हुए वैज्ञानिक खेती अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में किसानों को पर्यावरण संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति भी जागरूक किया गया।कृषि विभाग की मीतू ने किसान समृद्धि कार्बन क्रेडिट योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसान न केवल अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने किसानों को रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
सहायक विकास अधिकारी कृषि राजकुमार ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री, फसल बीमा योजनाओं तथा फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले विभिन्न कीटों और रोगों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कीट एवं रोग नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों की विस्तृत जानकारी देते हुए किसानों को समय रहते उचित प्रबंधन अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर कृषि विशेषज्ञों से संवाद किया और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की।























































