बांदा। मटौंध थाना क्षेत्र में स्थित मरौली खण्ड पांच मोरम खदान संचालन करने वाले कारोबारी और वाहन मालिकों से होने वाली आंधी कमाई ने सिस्टम को इस कदर जकड़ रखा है कि आने वाला हर अधिकारी और कर्मचारी इस सिस्टम में शामिल होकर दोनों हाथ से लाल सोने की कमाई बटोरने में लग जाता है। वसूली के अलावा नदियों में जमकर अवैध खनन करवाते एनजीटी नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जाती हैं। मरौली बालू खदान संचालक वैसे भी अपने रसूक के लिये जिले में सोहरत पाये है, अभी तक मरौली बालू खदान में अवैध खनन और ओवरलोडिंग का तीर चलाकर लाल सोने की लूट की कहानी रची जा रही थी, अब कारोबारी के द्वारा किसानों की जमीनों पर जबरिया कब्जा करके रास्ता बनाया जा रहा है और खेतों में खड़ी फसलों को बुरी तरह से रौंदकर नष्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही बालू माफिया के द्वारा आवंटित खनन क्षेत्र के बाहर बालू का खनन कर खनिज नियमावली का उल्लंघन भी किया जा रहा है। उक्त आरोप भारतीय किसान यूनियन अरा. के मंडल अध्यक्ष बलराम तिवारी ने मरौली बालू खदान संचालक पर लगाते हुये कहे। श्री तिवारी ने आगे कहा कि सरकार के द्वारा बांदा जिले में काफी मात्रा में बालू की खदानों का संचालन करवाया गया ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके और सरकार को राजस्व की प्राप्ति हो। सरकार की मंशा के अनुरूप बालू माफिया के द्वारा खनन न करके प्रतिबंधित मशीनों के द्वारा बालू का खनन कराया जा रहा है। जिससे स्थानीय लोगों के पास से रोजगार का अवसर समाप्त हो रहा है और स्थानीय बेरोजगार मजदूर पलायन करने को बाध्य हो रहा है।
उप्र सरकार के द्वारा ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के सख्त नियम कानून लागू किये गये है, जिसके चलते गत दिनों पूर्व कुछ वाहनों पर प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा कार्यवाही को अंजाम देकर 17 वाहनों को निरुद्ध किया गया था। बलराम तिवारी ने दिये गये अपने बयान में कहा है कि अगर प्रशासन के द्वारा मरौली बालू कारोबारी पर जल्द ही कार्यवाही नहीं की जाती तो किसान यूनियन सड़कों पर उतरकर मरौली बालू माफिया की मनमानी को रोकने के लिये प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन देते हुये कहा कि जल्द ही बालू कारोबारी के विरुद्ध कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।















