अगर आप इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. कैलाश मानसरोवर यात्रा के नाम पर सोशल मीडिया पर रजिस्ट्रेशन और बुकिंग के कई विज्ञापन चल रहे हैं. ऐसे में विदेश मंत्रालय ने श्रद्धालुओं के लिए एक चेतावनी जारी की है. मंत्रालय ने कहा है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट पर यात्रा के नाम पर फर्जी विज्ञापन और घोषणाएं प्रसारित की जा रही हैं, जिनसे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. यहां से आप इसके बारे में डिटेल में जान सकते हैं.
क्या है पूरा मामला?
विदेश मंत्रालय ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर ये बताया है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े कई फेक विज्ञापन वायरल किए जा रहे हैं. ये विज्ञापन खुद को सरकार या विदेश मंत्रालय से जुड़ा बताकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. मंत्रालय ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी विज्ञापन, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही जानकारी प्राप्त करें. साथ ही ये कहा है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिर्फ kmy.gov.in पोर्टल ही मान्य है. यानी अगर कोई दूसरी वेबसाइट, सोशल मीडिया पोस्ट या एजेंसी खुद को आधिकारिक बताकर रजिस्ट्रेशन कराने का दावा कर रही है तो आपको उसपर विश्वास नहीं करना चाहिए.
Caution to Yatris.
It has been noticed that fake announcements and advertisements for Kailash Manasarovar Yatra organized by MEA are circulating online.
Beware of such announcements and advertisements.https://t.co/oXblvkSb9r is the only genuine portal for KMY organized by… pic.twitter.com/ZUIz5WOmk8
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) June 13, 2026
कैसे हो सकती है ठगी?
साइबर ठग अक्सर धार्मिक यात्राओं और सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज या अन्य भुगतान मांगते हैं. कई बार लोग जल्दबाजी में ऐसे लिंक पर क्लिक कर देते हैं और उनकी निजी जानकारी या बैंकिंग डिटेल्स ठगों के हाथ लग जाती हैं. कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में से एक मानी जाती है. मान्यता है कि कैलाश पर्वत भगवान शिव का निवास स्थान है. हर साल हजारों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होने के लिए आवेदन करते हैं. यात्रा का संचालन विदेश मंत्रालय की देखरेख में किया जाता है.















