भैया की सुरक्षा के लिए बहने पहुंची अपने पीहर , तिलक कर सुख समृद्धि की कामना

कार्तिक शुक्ल पक्ष दूज को दीपावली के पश्चात भैया दूज का पर्व भाई बहन के अटूट प्रेम और रक्षा को जीवंत बनाए रखना है। इसी को लेकर बहने दूर-दूर से अपने भाई की सुरक्षा के लिए ,सुख समृद्धि के लिए पीहर पहुंची। जहां भाई, भतीजे, वह अन्य परिवारजन तथा के तिलक लगाकर उनकी सुरक्षा की कामना की। भगवान  कृष्णा ने मथुरा के कंस का संघार कर जब यमुना नदी पर पहुंचे तो वहां देखा कि बहन यमुना के आग्रह पर यमराज उसके घर आए हुए हैं। और यह दिन दीपावली का दूसरा दिन था। जहां बहन यमुना ने भाई का तिलक किया। मिठाई खिलाई तो भाई यमराज ने वरदान मांगने के लिए कहा। इस पर बहन ने कहा की भैया दूज पर जो भी बहने अपने भाई के तिलक कर उसकी सुरक्षा की कामना करें उसको कभी भी अकाल मृत्यु का भय नहीं हो, और घर में सुख समृद्धि सभी भाइयों के रहे। यमराज ने बहन यमुना को तथास्तु कहा। इस दौरान उस बहन को भगवान श्री कृष्ण ने भी सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान किया। इस कहानी से हमें यह भी शिक्षा मिलती है कि बहनों को मान सम्मान प्रदान किया जाए। जिससे उनकी दुआ से पीहर पक्ष के सभी लोग अकाल मौत या आकस्मिक दुर्घटना से हमेशा सुरक्षित बने रहे।

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