मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा 2025 के दौरान एक बड़ी साजिश को जिले की सिविल लाइन पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। पुलिस ने ऐसे पांच युवकों को गिरफ्तार किया है जो कांवड़ियों के वेश में सेवा शिविरों में घुसपैठ कर न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहे थे, बल्कि उनका उद्देश्य श्रद्धालुओं के बीच वैमनस्य फैलाकर कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का भी था। पकड़े गए सभी युवक मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और उन्होंने छद्म हिन्दू नामों का उपयोग करते हुए सेवा शिविरों में प्रवेश किया था।पुलिस जांच में सामने आया कि ये युवक शिवभक्तों के वस्त्रों में शिविरों में पहुंचकर श्रद्धालुओं का सामान और मोबाइल चुराने की फिराक में थे। इसके साथ ही वे माहौल बिगाड़ने के इरादे से धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिश कर रहे थे। यदि इनकी समय पर गिरफ्तारी न होती तो जिले की शांति व्यवस्था और धार्मिक सौहार्द को गहरा नुकसान पहुंच सकता था।गिरफ्तार आरोपियों में सुहैल उर्फ चोकड उर्फ शेरखान (22) पुत्र नसीम, निवासी लद्दावाला; आसिफ (20) पुत्र अफजाल, निवासी बिलाल मस्जिद के पास; दूसरा आसिफ (24) पुत्र शमशाद, निवासी शाहबुद्दीनपुर रोड; शादाब (20) पुत्र नूरहसन, निवासी कूकड़ा मंडी; और आबिद (34) पुत्र महफूज, निवासी केवलपुरी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मुकदमा संख्या 180/25 अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 298, 318(4) और 319(2) में मुकदमा दर्ज किया गया है।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इनमें से चार आरोपियों पर पहले से ही चोरी, हथियार अधिनियम और आबकारी अधिनियम के तहत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। विशेषकर आबिद के खिलाफ सिविल लाइन थाने में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं, जिससे उसकी आपराधिक प्रवृत्ति स्पष्ट होती है।इस पूरे मामले की जांच के लिए अभिसूचना इकाई और थाना सिविल लाइन की संयुक्त टीम के साथ एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है। साथ ही, सभी आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली जा रही है और गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है।पुलिस की यह कार्रवाई कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे यह भी साफ होता है कि प्रशासन की सतर्कता से एक गंभीर सांप्रदायिक साजिश को समय रहते रोका जा सका है।















