सनातन धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा विधिवत रूप से करने का विधान है। ऐसा कहा जाता है कि अगर आप कोई सिद्धि प्राप्त करना चाहते हैं तो शारदीय नवरात्रि के दिन मां दुर्गा की पूजा विशेष रूप से करें।वहीं शारदीय नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है।
ऐसा कहा जाता है कि अगर आपकी कोई मनोकामना है तो इस दिन पूजा करने से लाभ हो सकता है। अब ऐसे में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा किस विधि से करना है और कलश स्थापना के साथ-साथ पूजा का शभ मुहूर्त क्या है?
आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित दयानंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।शारदीय नवरात्रि के दिन मां शैलपुत्री की पूजा का शुभ मुहूर्तशारदीय नवरात्रि के दिन मां शैलपुत्री की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 13 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक है।
शारदीय नवरात्रि के दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?
घटस्थापना का शुभ मूहूर्त सुबह 06:09 मिनट से लेकर 08:06 मिनट तक है।
अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:49 मिनट से लेकर दोपहर 12:38 मिनट तक है।
शारदीय नवरात्रि के दिन मां शैलपुत्री की पूजा विधि
- शारदीय नवरात्रि के दिन पूजा स्थल को शुद्ध करके चौकी पर लाल या पीले कपड़े का आसन बिछाएं।
- उसके बाद मां की प्रतिमा को स्थापित करें।
- मां शैलपुत्री को सिंदूर चढ़ाएं
- उसके बाद मां शैलपुत्री को भोग नैवेद्य चढ़ाएं।
- मां शैलपुत्री की व्रत कथा पढ़ें।
- उसके बाद माता के मंत्रों का जाप विशेष रूप से करें।
- आखिर में मां शैलपुत्री की आरती जरूर करें।
- इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मां शैलपुत्री के कलश स्थापना पर नारियल जरूर चढ़ाएं।















