मुजफ्फरनगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मेरठ रोड स्थित जेड.के. कॉम्प्लेक्स बिल्डिंग में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई थाना खालापार पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन और पर्यवेक्षण में की। बताया जा रहा है कि यह कॉल सेंटर ‘स्काई लाइन’ के नाम से संचालित हो रहा था और यहां से लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी की जाती थी।
देशभर में साइबर अपराधों से निपटने के लिए “प्रतिबिंब ऐप” शुरू किया गया है, जिस पर नियमित रूप से दर्ज शिकायतों की जांच की जाती है। इन्हीं शिकायतों में से एक शिकायत पूणे से सामने आई थी। वहां एक व्यक्ति ने 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर अपनी ठगी की जानकारी दी थी। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने गोपनीय जांच शुरू की और थाना खालापार पुलिस टीम का गठन किया।
25 अगस्त 2025 को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि मेरठ रोड स्थित जेड.के. कॉम्प्लेक्स बिल्डिंग में संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं और वहां एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। मुखबिर द्वारा बताये गए स्थान पर पहुंचकर पुलिस ने छापेमारी की तो मौके पर दो लोग कॉल सेंटर चला रहे थे। जांच में पाया गया कि ये लोग बेरोजगार युवाओं को कॉल कर बड़ी कंपनियों में नौकरी लगवाने का झांसा देते थे और इसके नाम पर उनसे ऑनलाइन पैसे ऐंठ लेते थे।
पुलिस ने मौके से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी तलाशी में कई कंपनियों के सिम कार्ड, लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, क्यूआर कोड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। पुलिस का कहना है कि इन सभी उपकरणों का इस्तेमाल ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में किया जा रहा था। गिरफ्तारी के बाद दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंच बनाई जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह बड़े पैमाने पर देशभर के युवाओं को टारगेट करता था और बेरोजगारी का फायदा उठाकर उन्हें आसान नौकरी का लालच देता था। युवाओं से ऑनलाइन पंजीकरण शुल्क या अन्य दस्तावेज़ों के नाम पर रकम वसूली जाती थी, लेकिन नौकरी कहीं नहीं मिलती थी। यह भी संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों में भी फैले हो सकते हैं।
थाना खालापार पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही बरामद लैपटॉप और मोबाइल डेटा की जांच साइबर सेल को भेजी जाएगी, ताकि और सबूत मिल सकें और उनके माध्यम से पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि मुजफ्फरनगर पुलिस साइबर अपराधों पर कड़ी नजर रखे हुए है और ऐसे फर्जीवाड़े में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। लगातार हो रही ठगी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या संदिग्ध ऑफर पर भरोसा न करें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या “प्रतिबिंब ऐप” पर शिकायत दर्ज कराएं।
















