मुजफ्फरनगर में अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला अधिकारी उमेश मिश्रा एवं मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमलकिशोर देशभूषण के निर्देशन में तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील तेवतिया के मार्गदर्शन में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ राजीव कुमार, सदस्य-पीसीपीएनडीटी जिला सलाहकार समिति ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सनातन धर्म इंटर कॉलेज में पगड़ी और शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा डी एस पब्लिक स्कूल में आयोजित क्विज प्रतियोगिता में सफल बालिकाओं को डॉ राजीव कुमार, भारत भूषण, रेणु गर्ग, अमित सैनी और अनुज कुमार द्वारा उपहार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा 11 अक्टूबर 2012 को पहली बार घोषित किया गया था और प्रत्येक वर्ष 11 अक्टूबर को पूरी दुनिया में इसे मनाया जाता है। यह दिवस बालिकाओं के सामने आने वाली लैंगिक असमानताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है। इसमें शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकार, स्वास्थ्य देखभाल, बालिकाओं के खिलाफ हिंसा और जबरन बाल विवाह जैसी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस 2025 की थीम है “मैं लड़की हूं, मैं बदलाव का नेतृत्व करती हूं। संकट की अग्रिम पंक्ति में लड़कियां।” इस थीम का उद्देश्य बालिकाओं की संकट की परिस्थितियों में दृढ़ता, नेतृत्व और सशक्त भूमिका को उजागर करना है। यह उन्हें केवल संकट के शिकार के रूप में नहीं बल्कि परिवर्तन के वाहक के रूप में पहचानने पर जोर देती है। साथ ही यह शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में निवेश की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालती है ताकि बालिकाएं बेहतर और समावेशी दुनिया का निर्माण कर सकें।
आज भी समाज में बालिकाओं को अनेक प्रकार की कुरीतियों और सामाजिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है, जो उनके विकास में बाधक होती हैं। लेकिन शिक्षित और सशक्त बालिकाएं इन बाधाओं को पार कर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। कार्यक्रम में अमित सैनी, भारत भूषण अरोरा, रेणु गर्ग, अनुज कुमार, प्रमोद कुमार प्रधानाचार्य, गया प्रसाद प्रजापति, अरविंद कुमार, रीना यादव, रचना रावत, दीपा सोनी और अन्य वक्ताओं ने बालिकाओं को प्रोत्साहित किया।
साथ ही डी एस पब्लिक स्कूल के प्रबंधक और प्रधानाचार्य गगन शर्मा तथा कोऑर्डिनेटर संदीप दीक्षित को भारत स्काउट और गाइड, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों द्वारा सम्मानित कर उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। इस कार्यक्रम ने बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ समाज में उनके महत्व और सशक्तिकरण के संदेश को मजबूती प्रदान की।















